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क्षणिकाएं -- शशि पुरवार

क्षणिकाएं --

१
प्रतिभा --

नहीं रोक सके,
काले बादल
उगते सूरज की किरणें।

२
सपने --

तपते हुए रेगिस्तान
की बालू में चमकता हुआ
पानी का स्त्रोत, औ
जीने की प्यास.

३
आशा -

पतझड़ के मौसम में
बसंत के आगमन का
सन्देश देती है,
कोमल प्रस्फुटित पत्तियां।

४
संस्कार -

रोपे हुए वृक्ष में
मिलायी गयी खाद,
औ खिले हुए पुष्प।

५
पीढ़ी -

बीत गयी सदियाँ
नही मिट सकी दूरियाँ,
अनवरत चलता हुआ
एक लम्बा रास्ता।

६
मित्रता -

जीवन के सफ़र में
महकता हुआ
हरसिंगार।
-- शशि पुरवार

(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 854

Comment

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Comment by shashi purwar on February 6, 2014 at 3:17pm

aap sabhi mitro ka tahe dil se abhaar ,

saurabh ji , prachi ji aapke sujhavo ka swagat hai :)


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 5, 2014 at 10:45pm

सर्वप्रथम इन्हें क्षणिकायें न कहें.  ये तो, समझिये, संज्ञाओं की भावुक परिभाषाएँ दी हैं आपने.

यह अवश्य है बिम्बों में नवीनता उचित होती. 

फिरभी , आपका प्रयास गंभीर व रोचक लगा है.

सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on February 3, 2014 at 12:52pm

सुन्दर क्षणिकाएं प्रस्तुत की हैं प्रिय शशि पुरवार जी 

फिर भी सब पहचाने से बिम्ब लगे, कुछ नव्य बिम्ब भी होते तो रचनात्मकता के साथ और ज्यादा मज़ा आता... 

इस प्रयास के लिए ह्रदय से शुभकामनाएं 

Comment by ram shiromani pathak on February 3, 2014 at 12:11pm

सुन्दर क्षणिकाएं ......आपको हार्दिक बधाई!

Comment by बृजेश नीरज on February 2, 2014 at 10:15pm

अच्छी क्षणिकाएँ! आपको हार्दिक बधाई!

क्षणिकाओं में 'और' के स्थान पर 'औ' का प्रयोग क्या आवश्यक है! 

Comment by coontee mukerji on February 2, 2014 at 4:52pm

५
पीढ़ी -

बीत गयी सदियाँ
नही मिट सकी दूरियाँ,
अनवरत चलता हुआ
एक लम्बा रास्ता।.........बहुत सुंदर.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 2, 2014 at 9:33am

आदरणीया शशि जी, सभी क्षणिकाएं सुंदर व् सार्थक है हार्दिक बधाई आपको

Comment by vandana on February 1, 2014 at 9:48pm

बहुत सुन्दर सार्थक रचनाएँ आदरणीया 

Comment by annapurna bajpai on February 1, 2014 at 7:57pm

सुंदर क्षणिकाएं बधाई आपको आ0 शशि जी । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 1, 2014 at 6:51pm

आदरणीया शशि जी , सभी क्षणिकायें सुन्दर हैं , आपको बहुत बधाइयाँ ॥

मित्रता - जीवन के सफ़र में
महकता हुआ
हरसिंगार। -------------  बहुत खूब ॥

कृपया ध्यान दे...

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