For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुन्दर दृश्य उत्पन्न करती हैं

एक साथ जलती ढेरों मोमबत्तियाँ

 

भीड़ से घिरी उनकी रोशनी

कसमसाकर दम तोड़ देती है

 

वातावरण में घुले नारे

खंडहर में पैदा हुई अनुगूँज की तरह

कम्पन पैदा करते हैं

 

सर्द हवाएँ

काँटों की तरह चुभती हैं

 

अँधेरा गहराता जा रहा है 

___

बृजेश नीरज

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 892

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश नीरज on January 7, 2014 at 10:11pm

आदरणीय  अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, आदरणीय  शिज्जु शकूर जी, आपका हार्दिक आभार!

Comment by बृजेश नीरज on January 7, 2014 at 10:10pm

आदरणीया महिमा जी आपका हार्दिक आभार!

Comment by बृजेश नीरज on January 7, 2014 at 10:09pm

आदरणीय अजय शर्मा जी आपका हार्दिक आभार! अपना आशीष यूँ ही बनाये रखियेगा!

Comment by बृजेश नीरज on January 7, 2014 at 10:08pm

आदरणीया कुंती जी आपका हार्दिक आभार!

कविताई आपकी किताब पढ़कर ही सीख रहा हूँ! आपकी जितनी किताबें पढनें को मिलती रहेंगी, मैं भी सीख-सीखकर लिखता रहूँगा! आपकी अगली किताब की प्रतीक्षा है!

सादर!

Comment by बृजेश नीरज on January 7, 2014 at 10:04pm

आदरणीय Shyam Narain Verma जी, गिरिराज भंडारी जी, Dr Ashutosh Mishra जी, आप सभी का हार्दिक आभार!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on January 7, 2014 at 9:49pm

प्रतीकों में विरोध को रेखांकित करने का यह हुनर कहाँ से सीखा भाई................बेहतरीन..................बधाइयाँ.....................


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 7, 2014 at 9:21pm

आदरणीय बृजेश जी आपने संक्षेप में लेकिन माहौल का सटीक वर्णन किया है बेहतरीन रचना बधाई स्वीकार करें

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on January 7, 2014 at 7:37pm

सुंदर रचना की बधाई बृजेश भाई॥ आजकल लाइव टेलीकास्ट होने से भी आंदोलन , विरोध प्रदर्शन  करने वालों में  एक  नया जोश भर जाता  है , कुछ देर के लिए ही सही ॥  

Comment by MAHIMA SHREE on January 7, 2014 at 7:30pm

एक अलग वातावरण में ले जाती रचना जहाँ सच की रौशनी तीव्र तो  होती है पर  कभी भी क्षीण होकर बुझ सकती है .... आदरणीय ब्रिजेश जी ... हार्दिक  बधाई आपको ...

Comment by ajay sharma on January 7, 2014 at 7:19pm

.......................................एक साथ जलती ढेरों मोमबत्तियाँ

 aur  fir .......................................अँधेरा गहराता जा रहा है  ...wah kya khoobsoorat virodhabhasi isthiti prastut ki hai ........shreshtha.............bahut bahut shubkamnayen  

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
13 hours ago
Admin posted discussions
14 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
14 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service