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जब से उनका यहाँ आना जाना हुआ
दिल हमारा भी उनका दिवाना हुआ /


साथ तेरे का जो छूट जाना हुआ
तब से सबका यहाँ आना जाना हुआ /


माँग तेरी भरूं आ सितारों से मैं
ऐसा कह जो गया फिर न आना हुआ /


माँग सूनी हुई जो सितारों भरी
माथे की बिंदी छिनना बहाना हुआ /


राहतें अब कहाँ चैन दिल को कहाँ
मत कुरेदो जख्म ये पुराना हुआ /


याद आती रही रात भर थी मुझे
भूल वो अब गया इक जमाना हुआ /


उसके आने की टूटी है उम्मीद अब
जब से गैरों के घर आना जाना हुआ /


लाडली ही रही बेटियाँ बाप की
लाड़ छूटे जो पति घर ठिकाना हुआ /

..............................................

........मौलिक व् अप्रकाशित........

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Comment

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Comment by अरुन 'अनन्त' on January 4, 2014 at 5:54pm

आदरणीया सरिता जी अच्छी ग़ज़ल कही है हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 3, 2014 at 8:34pm

बहुत उम्दा गजल आदरणीया सरिता जी,यह शेर खास पसंद हुआ हार्दिक बधाई स्वीकारें

राहतें अब कहाँ चैन दिल को कहाँ
मत कुरेदो जख्म ये पुराना हुआ

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 3, 2014 at 8:11pm

वाह क्या बात है,,,,इस शानदार गज़ल के लिये सरिता जी आपको अनेकानेक मुबारकबाद,,,,,,,

Comment by Shyam Narain Verma on January 3, 2014 at 4:10pm
इस भाव पूर्ण गजल के लिए बधाई आपको । 
Comment by Sarita Bhatia on January 3, 2014 at 9:32am

आदरणीय गिरिराज जी आपकी मार्गदर्शक टिप्पिनी हमेशा उत्साहित करती है हार्दिक आभार स्नेह बनाये रखें उचित सुधार कर लिया है  

Comment by Sarita Bhatia on January 3, 2014 at 9:30am

आदरणीया वंदना जी हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on January 3, 2014 at 9:29am

शुक्रिया कुंती जी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 3, 2014 at 7:14am

आदरणीया सरिता जी , बहुत सुन्दर गज़ल कही है , बहुत सुन्दर भाव हैं ॥ आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥

मत कुरेदो जख्म ये पुराना हुआ , ये मिसरा बेबह्र हो रहा है  ,   इसे -- ज़ख़्म अब मत कुरेदो पुराना हुआ  - अगर आप चाहें तो ऐसा किया जा सकता है या जैसा आप सोचें ॥

Comment by vandana on January 3, 2014 at 5:53am

माँग तेरी भरूं आ सितारों से मैं 
ऐसा कह जो गया फिर न आना हुआ /


माँग सूनी हुई जो सितारों भरी
माथे की बिंदी छिनना बहाना हुआ /

मार्मिक !!! आदरणीया सरिता जी 

Comment by coontee mukerji on January 2, 2014 at 9:21pm

उसके आने की टूटी है उम्मीद अब
जब से गैरों के घर आना जाना हुआ / .....बहुत सुंदर

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