For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गर्भाधान (लघुकथा) - रवि प्रभाकर

“पापा ! टीचर ने कहा है कि फीस जमा करवा दो, नहीं तो इस बार नाम अवश्य काट दिया जाएगा।"
“अजी सुनते हो ! बनिया आज फिर पैसे मांगने आया था।”
“अरे बेटा ! कई दिन हो गए दवाई खत्म हुए, अब तो दर्द बहुत बढ़ता जा रहा है, आज तो दवाई ला दो।”

ये सभी आवाज़ें उसके मस्तिष्क पर हथोड़े की भाँति चोट कर रही थीँ।
मगर उसके दिल में एक नई कविता का खाका जन्म ले रहा था।

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 1358

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 5, 2015 at 7:50pm

 आपकी इस लघुकथा को पुन: पढ़ी. बहुत ही उम्दा लघुकथाओं में से एक. शब्दों को बिलकुल सुनार की तरह तौलकर, सजीव सा चित्र उभारती और शीर्षक अपने पूर्ण महत्व के साथ. आपकी लेखनी को नमन, आदरणीय रवि जी.

सादर!

Comment by Ravi Prabhakar on January 26, 2014 at 2:29pm

आदरणीय अशोक जी, सारथी जी, डाॅ. आशुतोष जी एवं महेश्वरी जी,

प्रणाम । रचना को पढ़ने एवं पसंद करने हेतु धन्यवाद।

Comment by Ravi Prabhakar on January 26, 2014 at 2:27pm

आदरणीय बहन महिमा श्री जी
आप जैसे ज्ञानवानों की टिप्पणी आॅक्सीजन का कार्य करती है। सार्थक टिप्पणी हेतु धन्यवाद।

Comment by Ravi Prabhakar on January 26, 2014 at 2:24pm

आदरणीय अन्नपूर्णा जी,
सादर प्रणाम। रचना को पढ़ने व प्रतिक्रिया हेतु धन्यवाद।

Comment by Ravi Prabhakar on January 26, 2014 at 2:22pm

आदरणीय प्रबंधन बोर्ड एवं सम्माननीय पाठक जनों
सभी को सादर प्रणाम।
‘माह की सर्वश्रेष्ठ रचना’ का सम्मान पा धन्य हुआ। इस साधारण सी प्रस्तुति पर सुधिजनों का प्यार पा मन बहुत हर्षित है। प्रबन्धन बोर्ड का हृदय से आभारी हूं। श्री गणेश जी बागी, श्री योगराज प्रभाकर जी, श्री सौरभ पाण्डेय जी, राणा प्रताप सिंह जी एवं आदरणीय डाॅ. प्राची सिंह जी का बहुत धन्यवाद करता हूं। जीवन की कुछ विषम परिस्थितयों के कारण प्रतिक्रिया बहुत देर से किए जाने पर क्षमा प्रार्थी हूं। मंच का बहुत आभारी हूं जिसने मेरी प्रस्तुतियों को पढ़ा, सराहा और सम्मान दिया। धन्यवाद।

Comment by Maheshwari Kaneri on January 11, 2014 at 2:21pm

 सुंदर और गूढ अर्थ से परिपूर्ण सुन्दर लघु कथा..बधाई आप को रवि जी

Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 7, 2014 at 3:34pm

आदरणीय रवि जी ..आपकी रचना को सर्ब्श्रेष्ट रचना चुने जाने पर हार्दिक बधाई ..नव बर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ ..सादर 

Comment by Saarthi Baidyanath on January 7, 2014 at 7:48am

आपकी लघुकथा ..मस्तिष्क पर दीर्घ व अमिट छाप छोड़ने वाली है | श्रेष्ठ चयन के लिए हार्दिक बधाइयाँ :)

Comment by Ashok Kumar Raktale on January 5, 2014 at 10:03pm

आदरणीय रवि जी सादर, आपकी लघुकथा वाकई सशक्त है सच है कवि के साथ घटने वाली छोटी छोटी घटनाएं भी उसकी रचना के खाके बनाती है. देर से ही सही आपकी इस रचना का श्रेष्ठ रचना के चयन लिए हार्दिक बधाई.

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:39pm

गजब .. आज तक की पढ़ी सबसे जबरदस्त लघुकथा ... शीर्षक पढ़ कर भान भी नहीं हुआ की किस परिपेक्ष्य में ये  रखा गया होगा .... अनेकों बधाइयां आदरणीय रवि प्रभाकर  जी... सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Monday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Sunday
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
Sunday
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
May 30
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
May 30
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
May 30
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
May 30
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
May 30
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
May 30

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service