For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वो  हमें  कब मिला है खुदा  की तरह ।

जो रहा  है  सदा   बन हवा  की तरह ।

अब  उसे  कैसे  पहचान वो  पायेगा,

जो यहाँ  बदलता है अदा की तरह ।

अब  वही  राह दिखाने आया है मुझे,

जो  मेरा था  कभी  बेवफा की तरह।

वो क्या  भर देगा खुशिय़ा दामन तेरे,

जिन का अपना रहा है खला की तरह।

हम भुलाया जमाने को जिस के लिये ,

साथ वो  फिर क्यूँ  है सज़ा की तरह।

"मौलिक व अप्रकाशित"

 

Views: 586

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by CHANDRA SHEKHAR PANDEY on November 13, 2013 at 12:03am

अच्छा प्रयास है, शुभेच्छाएं आदरणीय। 

Comment by Sushil.Joshi on November 12, 2013 at 8:57pm

शानदार प्रस्तुति है आ0 मोहन भाई जी..... बहुत बहुत बधाई....

Comment by Dr Ashutosh Mishra on November 12, 2013 at 4:38pm

आदरणीय मोहनजी ...

अब  उसे  कैसे  पहचान वो  पायेगा,

जो यहाँ  बदलता है अदा की तरह ..इस सुंदर ग़ज़ल का ये शेर मुझे बेहद भाया ..सादर बधाई के साथ 

Comment by ram shiromani pathak on November 11, 2013 at 5:50pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति  आदरणीय मोहन जी ....बहुत बहुत बधाई  आपको  सादर 

Comment by annapurna bajpai on November 10, 2013 at 8:54pm

सुंदर गजल । बधाई आपको आ0 मोहन बेगोवाल जी । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 10, 2013 at 8:47pm

आदरणीय मोहन भाई , बहुत सुन्दर गज़ल कही है आपने , आपको बहुत बधाई !!!!! कुछ शे र बह्र से बाहर हो रहे है !

!!! कृपया सुधार लें !!!

Comment by मोहन बेगोवाल on November 10, 2013 at 7:05pm

 शिज्जू जी, आप जी ने ठीक कहा,ये मुतदारिक मुसम्मन सालिम(212 212 212 212) हैं,गोपाल जी ,आप जी का भी उत्साह्त करने के लिए  धन्यवाद 

Comment by umesh katara on November 10, 2013 at 6:57pm

अच्छी लेखनी है आदरणीय वाहाहाह

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 10, 2013 at 6:03pm

बेगोवाल जी . श्या शायद टाइप त्रुटि  है  I  मैं शिल्प पर अधिक ध्यान नहीं देता  वह तो मंजते  मंजते  निखरेगा  पर  यदि भाव मन को छू  लें तो वही रचना की  सफलता है  I  फिलहाल आगाज़ ठीक है अंजाम आपकी मेहनत पर निर्भर करेगा I  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on November 10, 2013 at 5:08pm

आदरणीय बेगोवाल सर प्रथम दृष्टया आपकी ग़ज़ल से ऐसा लग रहा है आपने बह्रे मुतदारिक मुसम्मन सालिम(212 212 212 212) पे ये ग़ज़ल कही है मगर फिर भी आप बह्र का उल्लेख कर दें तो चर्चा आसान हो जायेगी,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
2 hours ago
Admin posted discussions
3 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
3 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service