For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

क्या जीवन है/हाइकू (प्रयास)

बालू का स्थल
जालाभास रश्मि से
तपती प्यास
------------------

प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना
------------------

तृप्ति कामना
घी दहकाए ज्वाला
पूर्ति आहुति
-------------------

जीवन यात्रा
हर क्षण रहस्य
रोना या गाना
-------------------
गन्तव्य कहाँ!
लमकन जारी है
क्या जीवन है?
-विन्दु (मौलिक,अप्रकाशित)

Views: 690

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Vindu Babu on April 28, 2013 at 4:01pm
आपने प्रत्येक रचना का अनुमोदन किया,यह देखकर बहुत अच्छा लगा।
सादर आभार आदरणीय
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 26, 2013 at 2:32pm

प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना

अति सुन्दर 

बधाई,

आदरणीया वंदना जी , सादर 

Comment by Vindu Babu on April 14, 2013 at 9:50am
परम् आदरणीय सौरभ पाण्डेय महोदय आपने अवलोकन किया मेरा प्रयास सार्थक हुआ।
आपका बहुत आभार!
सादर
Comment by Vindu Babu on April 14, 2013 at 9:48am
आदरेया सावित्री राठौर आपकी प्रतिक्रिया हमारा सम्बल है।
सादर आभार आपका!

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 14, 2013 at 7:48am

आदरणीया वन्दनाजी, आपकी हाइकु-रचनाएँ प्रभावी हैं.सादर बधाइयाँ.

Comment by Savitri Rathore on April 7, 2013 at 3:05pm

प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना
------------------
अतिसुन्दर विन्दु जी !

Comment by Vindu Babu on April 6, 2013 at 10:18am
आदरणीय रक्ताले महोदय सादर अभिनन्दन!
आपने मेरे प्रयास का अवलोकन किया इसके लिए सादर आभार.
Comment by Ashok Kumar Raktale on April 5, 2013 at 8:45pm

आदरणीया सादर, बहुत सुन्दर हाइकु, बधाई स्वीकारें.

Comment by Vindu Babu on April 5, 2013 at 8:29pm
आदरेया आपकी प्रतिक्रिया मेरा सौभाग्य है।
पहले प्रयास मे आपके अमूल्य सुझाव पर पर सुधार लाने का प्रयास किया,अब आपके इस सुझाव का भी विशेष ध्यान रखने की कोशिश रहेगी।
महोदया पुन: कहुंगी कि यहां उपस्थित होने का मेरा पहला उद्देश्य सीखना ही है। आपके सस्नेह सहयोग के लिए सादर आभार!

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 5, 2013 at 7:24pm

बहुत सुन्दर हायकू लिखे हैं आ० वंदना जी.

कथ्य सांद्रता हायकू का विशिष्ट गुण है...जिससे भरपूर हैं यह हायकू , हार्दिक बधाई स्वीकार करें 

हायकू के शिल्प के बारे में एक बात सांझा करना चाहूंगी, "यदि पहली और तीसरी पंक्ति समतुकांत हो तो हायकू कई गुना निखर उठते हैं."

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
7 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
7 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
7 hours ago
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service