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       नूतन बर्ष

आओ करें अमृत मंथन

जीवन के संघर्ष मे

दिल मे कुछ संकल्प ले

इस नूतन वर्ष में

सोचें सदा वतन हित में

देशभक्ति हो मन चित में

 परस्पर सदभाव हो

विकाश से लगाव हो

देश को खुशहाल बनाएँ

भ्रष्टाचार दूर भगाएँ

 खुशियों से भरा हो दामन

फिंजा देश की हो मनभावन

प्रगतिशील बढ़ चले कारवाँ

निकृष्ट से उत्कर्ष में

कल्याणकारी बयार बहे

इस नूतन बर्ष   में

 Dr.Ajay Khare Aahat

 

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on December 30, 2012 at 3:07pm
नव वाढ आगमन की सुन्दर रचना हार्दिक बधाई डॉ अजय खरे जी  

आओ करें अमृत मंथन,जीवन के संघर्ष मे

दिल मे कुछ संकल्प ले,इस नूतन वर्ष में 

नूतन वर्ष की हार्दिक शुभ मंगल कामनाए 
Comment by vijay nikore on December 29, 2012 at 12:36pm

निश्छल शुभकामनाओं से भरपूर कविता के लिए बधाई।

विजय निकोर

Comment by Ashok Kumar Raktale on December 28, 2012 at 7:21pm

नवीन वर्ष के लिए सुन्दर मनोकामना लिए लिखी इस सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीय डॉ. अजय खरे जी सादर.

Comment by Shyam Narain Verma on December 28, 2012 at 5:03pm

BAHOT KHOOB...................................

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