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हाँ मैं कमजोर हूँ माँ हूँ ना!!!

कितना जोश और ख़ुशी 

थी तुम्हारी आवाज में 

जब तुमने मुझे फोन पर बताया 

की माँ तुम्हारे दामाद ने 

आज पांच आतंकवादियों 

को मार गिराया 

तुम लगातार ख़ुशी से बता 

रही थी और मेरा मन 

कंहीं दूर किसी धुंधलके 

की तरफ खिंचता जा रहा था 

तुम्हारी आवाज दूर होती जा रही थी 

कुछ क्षण बाद वापस आती हूँ तो सोचती हूँ 

की तुम कितनी बहादुर हो 

बिलकुल अपने 

जांबाज पति की तरह 

मुझे गर्व है तुमपर 

मेरी चुप्पी का मतलब 

ये मत समझना कि मैं 

डरपोक हूँ या कायर हूँ ,

हाँ मैं कमजोर हूँ 

माँ हूँ ना!!!

*****

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 13, 2012 at 11:53am

नीलांश और भावेश जी हार्दिक आभार मात्र दिवस की शुभकामनाये 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 13, 2012 at 11:52am

अजय कुमार जी हार्दिक आभार मात्र दिवस की शुभकामनाये 

Comment by Bhawesh Rajpal on May 13, 2012 at 8:39am
माँ के ह्रदय  की धड़कन  तो अपने बच्चों के लिए होती है , यह सही है ! उसमें असुरक्षा का भाव माँ को डराता है ,और यही उसकी मजबूरी है  !
क्या करे ! आखिर माँ है ना !   बेहद खुबसूरत  अभिव्यक्ति !   बधाई !  -  भवेश  राजपाल  ! 
Comment by Nilansh on May 12, 2012 at 8:41pm

bahut sunder ,

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 12, 2012 at 8:29pm

bahut hi sashakt abhivyakti Rajesh ji.

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