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मौका था गुरु भाई प्रकाश सिंह 'अर्श' की शादी का, और शहर था पटना

तो ऐसा कैसे होता कि गणेश जी से मुलाक़ात न हो ...

१८ अप्रैल को शादी और १९ अप्रैल को  गणेश जी से मुलाक़ात ...

कुछ स्मृति कलश आप के लिए ...

गुरु भाई प्रकाश सिंह अर्श, गुरु भाई रविकांत पाण्डेय और मैं

गुरु बहन कंचन सिंह चौहान जी के साथ

गणेश जी के साथ उनके आफिस में रविकांत पाण्डेय जी और मैं

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Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 28, 2012 at 9:45pm

प्रिय केशरी जी ..शुभ कामनाएं मंगल क्षण ...ऐसे ही समा बंधा रहे ...आप ने मुझे भी शामिल किया दूर से ही सही गुलाब जामुन का रसास्वदन मन ही मन हो गया ...जय श्री राधे 

भ्रमर ५ 
Comment by AVINASH S BAGDE on April 23, 2012 at 11:33am

nice one..कुछ स्मृति कलश.

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on April 22, 2012 at 9:25pm

अप्रतिम क्षण


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on April 22, 2012 at 1:02pm

गुलाबजामुन अच्छे है|

Comment by Rohit Sharma on April 21, 2012 at 11:58am

आज बागी जी के दफ्तर और उनके दूसरी अन्य तस्वीर के भी दर्शन हुए वरना अब तक तो सिर्फ एक ही तस्वीर देखते आये थे. धन्यवाद

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 21, 2012 at 11:37am

mithe chAN share kiye. aanadit hua. badhai. aadarniy vinus ji.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 21, 2012 at 11:23am

पटना की आपकी यात्रा का सोत्साह सम्पन्न होना कई अर्थों में तोषमय दीख रहा है, वीनसजी.

प्रकाशजी का शुभ-विवाह समस्त बधाइयों का कलेवर ओढ़े आपकी स्मृतियों के सुनहरे पन्ने और बढ़ा गया होगा, तो वहीं अनुज गणेशजी के साथ हुई भेंट मधु-समृद्ध भावनाओं का आदान-प्रदान रहा होगा.  उसपर से देख रहा हूँ कि भाई रविकांतजी की साक्षी-उपस्थिति में आप गणेश भाई द्वारा ओबीओ के मानद-पत्र से भी लाभान्वित हुए हैं !  यानि, खिलखिला कर हँसने को मुँह क्या खुला मुँह में टप् से रसगुल्ला आ पड़ा !  अय-हय !! 

ईश्वर ऐसी यात्राएँ सर्वसुलभ करावे. बधाई.

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on April 21, 2012 at 10:12am

मुबारकां वीनस जी...!! :-)))


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 21, 2012 at 10:10am

प्रिय वीनस, समय का पता ही नहीं चला और भाई रविकांत जी की गाड़ी का समय हो गया , ऐसा लगा जैसे कोई रसगुल्ला जिव्हा से सटा कर हटा दे | आप दोनों के साथ व्यतीत समय यादगार रहा |  

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