For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जा रे-जा रे कारे काग़ा

जा रे-जा रे कारे कागा मेरे छत पर आना ना 

आना है तो आजा पर छत पर शोर मचाना ना 

तू आएगा छत पर मेरे कांव-कांव चिल्लाएगा 

ना जाने किस अतिथि को मेरे घर बुलाएगा 

उल्टी पड़ी पतीली मेरी और चूल्हे में आंच नहीं 

थाल सजाऊँ कैसे मैं घर में कोई अनाज नहीं 

जा रे-जा रे कारी चींटी मेरे घर तू आना ना 

टूटी मेरी कुटिया में तू अपना घर बसाना ना 

तू आएगी साथ में अपने बैरी बादल लाएगी 

छत से पानी टपकेगा फिर तू चैन से सो ना पाएगी 

कच्ची मेरी कुटिया की फिर गीत जहाँ मे गायेगी 

जो ना जाने हाल को मेरे उसको भी सुनायेगी 

जा रे-जा रे चाँद निगोरे मेरी अटरिया आना ना 

अपनी सुरत में मुझको परदेशी की याद दिलाना ना 

तू आएगा साथ में अपने भूख भी मेरी ले आएगा 

सुनी अँधियारी रातों में रोटी की याद दिलाएगा 

बच्चे मेरे सोये भुखे पेट को गमछे से बांधे

द्वार निहारे नयन से अपने, बापु का रस्ता साधे  

जा रे-जा रे शैतान चकोरे पीहू-पीहू बुलाना ना 

साँझ ढले जब चैन ना आए मन मेरा भटकाना ना  

तू बैठेगा डाल पर मेरे अपने साथी को जोहेगा 

लेकिन मेरा पागल मन फिर प्रिय की यादों में खो जाएगा

वो जो हमको भूल है बैठा, रोटी की परवाह में 

उसको भी ना चैन मिलेगा, हम लोगों की याद में 

"मौलिक व अप्रकाशित" 

अमन सिन्हा 

Views: 332

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 13, 2022 at 6:21pm

अच्छी रचना है भाई अमन...बधाई

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on December 10, 2022 at 5:38pm
बहुत सुन्दर गीत गरीबी और गांव की छवि समेटे , निखार और रखिए।
जय जय श्री राधे
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 3, 2022 at 4:01am

आ. भाई अमन जी, अभिवादन। गीत का प्रयास अच्छा है। पर अभी यह कुछ और समय चाहता है। इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on December 2, 2022 at 7:24pm

बहुत सुंदर मनुहार भरा गीत 
लय कहीं कहीं अटक रही है , वहां साधने की कोशिश हो तो आसानी से गीत सध जाएगा 

बधाई इस अभिव्यक्ति के लिए 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
21 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
22 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service