For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

221 2121 1221 212

मज़ारे मुसम्मन अख़रब मक्फूफ़ महज़ूफ़
मफ़ऊलु फ़ाइलातु मुफ़ाईलु फ़ाइलुन

.

तेरे फ़रेब-ओ-मक्र सभी जानता हूँ मैं
'शाहिद' हूँ ज़िन्दगी तुझे पहचानता हूँ मैं

काफ़िर न जानिए है ये कुछ अस्र-ए-बद-दुआ
शह्र-ए-बुतां की धूल जो अब छानता हूँ मैं

जी भर के ज़िन्दगी न जिया ख़ुद से है गिला
जीने की रोज़ सुब्ह यूँ तो ठानता हूँ मैं

इक़बाल-ए-जुर्म मेरा मुसव्विर भी तो करे
ख़ुद की तो ख़ामियाँ सभी गर्दानता हूँ मैं

बाहर ही छूटते हैं मिरे पाँव क्या करूँ
चादर जो हैसियत की कभी तानता हूँ मैं

चुभते हैं उंगलियों में ये कंकर ख़ताओं के
मिट्टी जो ज़िन्दगी की कभी सानता हूँ मैं

अब आप तो न झूट से बहलाइए मुझे
बच्चा नहीं हूँ सब जो कहा मानता हूँ मैं

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 70

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 28, 2020 at 10:53am

आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन । उम्दा गजल हुई है। हार्दिक बधाई । 

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on February 25, 2020 at 2:13pm

आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। मैं धन्य हो आपसे शाबाशी पाकर। बहुत शुक्रिया सर।

Comment by Samar kabeer on February 25, 2020 at 2:06pm

//काफ़िर नहीं शिकार किसी बद-दुआ का हूँ/
      शह्र-ए-बुतां की धूल जो अब छानता हूँ मैं//

वाह, ये हुई न बात ।

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on February 25, 2020 at 12:43pm

आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। ग़ज़ल को अपने आशीर्वाद से नवाज़ने के लिए आपका बहुत आभारी हूँ। सर, वो मिस्रा यूँ कर लिया है कि:
     /काफ़िर नहीं शिकार किसी बद-दुआ का हूँ/
      शह्र-ए-बुतां की धूल जो अब छानता हूँ मैं
आपकी इस्लाह और हौसला-अफ़ज़ाई के लिए तह-के-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।

Comment by Samar kabeer on February 25, 2020 at 11:55am

जनाब रवि भसीन 'शाहिद' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'काफ़िर न जानिए है ये कुछ अस्र-ए-बद-दुआ'

इस मिसरे में 'असर' शब्द में इज़ाफ़त उचित नहीं,मिसरा बदलने का प्रयास करें ।

'चुभते हैं उंगलियों में ये कंकर ख़ताओं के
मिट्टी जो ज़िन्दगी की कभी सानता हूँ मैं'

ये शैर ख़ूब हुआ ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीया रचना त्रिपाठी जी, कुछ बात बन नहीं रही, या यह कहे कि जो आप कहना चाह रही वो पाठक तक…"
6 seconds ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय रवि भसीन साहब, आपकी लघुकथा एक बहुत ही गंभीर मुद्दे को सरलता से उठाती है, बहुत ही संदेशपरक…"
8 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीया बबिता जी, कथानक का चयन बढ़िया हुआ है, शिल्प को तनिक बाँध लघुकथा की खूबसूरती बढ़ाई  सकती…"
15 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय सतविंदर जी,आपका आभार। हां,त्रुटियों को इंगित करें।यदि होंगी, तो सुधार होगा।"
32 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आपका आभार आदरणीय भसीन जी।"
34 minutes ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रिय सर, सादर हार्दिक नमन। एक प्रेरक कथा बन पाई है। उसके लिए हार्दिक बधाई।…"
35 minutes ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय बागी सर, सादर नमन! विषयगत अच्छी रचना प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
41 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय उम प्रकाश जी, सुंदर लघुकथा के लिए बधाई हो l "
51 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीय बागी जी, बहुत सुंदर लघुकथा के लिए बधाई हो l "
55 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"अमानत जब देश का बटवारा हुआ, गाँव की आबादी का बड़ा हिस्सा इस तरफ़ से उस तरफ़ चला गया l मगर उनका पूजा…"
1 hour ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"आदरणीया अर्चना त्रिपाठी साहिबा, लघुकथा पसंद करने के लिए और प्रोत्साहन देने के लिए आपका तह-ए-दिल से…"
1 hour ago
Kanak Harlalka replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-60 (विषय: धरोहर)
"बेहतरीन संदेश देती हुई लघुकथा के लिए बधाई ।खज की परिस्थिति में मानवता को जीवित रखना मनुष्य की सबसे…"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service