For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बसंत कुमार शर्मा's Blog – July 2017 Archive (8)

रह गए हम -ग़ज़ल- बसंत कुमार शर्मा

मापनी 2122  2122 212

 

दूर से  नजरें  मिलाते  रह गए हम  

पास उनके आते’ आते रह गए हम

 

कान  पर जूं  तक न रेंगी साहिबों के,

हक़ की खातिर गिड़गिड़ाते रह गए हम   

 

तल्खियाँ हर बात में उनकी रहीं हैं,

प्यार की धुन गुनगुनाते रह गए…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 28, 2017 at 1:25pm — 14 Comments

यहाँ हुजूर - ग़ज़ल- बसंत कुमार शर्मा

मफ़ऊल फ़ाइलात मफ़ाईल फ़ाइलात

मापनी २२१/२१२१/१२२१/२१२

 

करते नहीं हैं’ लोग शिकायत यहाँ हुजूर,

थोड़ी तो’ हो रही है’ मुसीबत यहाँ हुजूर.

बिकने लगे हैं’ राज सरे आम आजकल,

चमकी खबरनबीस की’ किस्मत यहाँ हुजूर.

बिछती कहीं है’ खाट, कहीं टाट हैं बिछे,

हो हर जगह रही है’ सियासत यहाँ हुजूर.

पलते रहे हैं’ देश में जयचंद हर जगह,

पहली नहीं है’ आज ये’…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 26, 2017 at 1:00pm — 6 Comments

ग़ज़ल- कब किसी से यहाँ मुहब्बत की

कब किसी से यहाँ मुहब्बत की.  

जब भी' की आपने सियासत की.

 

प्यार  पूजा  सदा  ही हमने तो,

आपने कब इसकी इबादत की

 

जुल्म  धरती ने सह लिए सारे,

आसमां  ने मगर बगावत की

 

आदमी आदमी  से  जलता है,

कुछ कमी है यहाँ जहानत…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 25, 2017 at 10:10am — 10 Comments

लगती रही फिर भी भली

जिन्दगी की रेलगाड़ी,

भागती सरपट चली.

 

मिल न पायीं दो पटरियाँ,

साथ पर चलती रहीं.

देख कर अपनों की खुशियाँ,

दीप बन जलती रहीं.

 

दे गयी राहत सफर में,

चाय की इक केतली.

 

मौसमों की मार…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 23, 2017 at 1:11pm — 9 Comments

क्या बस निंदा काफी है

निर्दोषों के हत्यारों की,

क्या बस निंदा काफी है.

घाटी में आतंकी मिलकर,

दिखा रहे हैं दानवता.

हृदय विलखता लिए हुए हम,

ओढ़े बैठे सज्जनता.

तड़प रही है भारत माता,

जयचंदों को माफ़ी है.

जाति धर्म की राजनीति में,

इंसान हो रहा गायब.

चमचों की कोशिश रहती है,

रहे हमेशा खुश साहब.

भोली जनता को गोली है,

पल पल नाइंसाफी है.

टूट गए हैं सारे…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 18, 2017 at 4:52pm — 12 Comments

तुलसी को वनवास हो हो गया

घर टूटे मिट गए वसेरे,

महलों में आवास हो गया.

ऊँचे कद को देख लग रहा,

सबका बहुत विकास हो गया.

भूल गए पहचान गाँव की,

बसे शहर में जब से आकर.

नहीं अलाव प्रेम के जलते,

सूनी है चौपाल यहाँ पर.

 

अधरों पर मुस्कान…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 18, 2017 at 9:25am — 8 Comments

मेरे गाँव में

मापनी २२१२ २२१२ २२१२  

 

आ  तो सही  एक  बार मेरे गाँव में

अद्भुत अतिथि सत्कार मेरे गाँव में

 

हर वक्त  रहते  हैं खुले सबके लिए

सबके दिलों के  द्वार  मेरे  गाँव  में

 

तालाब  नदियाँ और पनघट की छटा

है  प्रीति  का…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 12, 2017 at 9:44am — 20 Comments

एक भारत श्रेष्ठ भारत

नवसृजन कर हम बनाएँ,

एक भारत श्रेष्ठ भारत

 

काम हो हर हाथ को,

ख़त्म हो बेरोजगारी.

हो न शोषण बालकों का,

और हो भय मुक्त नारी.

आचरण में भ्रष्टता से,

मुक्त हो अपनी सियासत.

 

शांति के हम दूत बनकर,…

Continue

Added by बसंत कुमार शर्मा on July 11, 2017 at 8:41am — 10 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service