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नयना(आरती)कानिटकर's Blog – July 2016 Archive (4)

"विसर्जन" लघुकथा

अखबार हाथ में लेकर सृजन लगभग दौड़ते हुए  घर  मे घुसा

"मम्मा!, पापा! ये देखो ये तो वही है ने जो हमारे गणपति बप्पा को..."…

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Added by नयना(आरती)कानिटकर on July 23, 2016 at 3:30pm — 12 Comments

"मौन"कुर्सी मायावी है

रणवीर सिंह और अशोक कालकर  दोनो ने गुड़गाँव मे एक साथ  एक मल्टीनेशनल कंपनी ने ज्वाइन किया था । दो भिन्न संस्कृति, मातृभाषा के वे तीसरी तरह की संस्कृति मे रचने-बसने का प्रयत्न करने लगे थे। धीरे-धीरे आपसी मित्रता गहरा गई. ऑफ़िस के …

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Added by नयना(आरती)कानिटकर on July 21, 2016 at 9:28pm — 4 Comments

रिश्ते की जद्दोजहद

शादी मे सारा कुछ अच्छे से निपट गया थासभी मेहमानों को वापसी उपहार,  मिठाईयो के डिब्बे देकर रुखसत किया गया था। घर को भी फ़िर से सवार कर पटरी पर ले आई थी कि अचानक  एक सुटकेस और …

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Added by नयना(आरती)कानिटकर on July 15, 2016 at 8:00pm — 2 Comments

"सुराख वाले छप्पर"

ऑफ़िस से आकर सब काम निपटाते -निपटाते थक कर चूर हो गई थी वह. बस! बर्तन जमा कर दूध मे जामन लगाना शेष था.   उसके हाथ तेजी से  प्लेटफार्म साफ़ कर रहे थे.पसीने से …

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Added by नयना(आरती)कानिटकर on July 5, 2016 at 7:00pm — 8 Comments

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