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Manoj shukla's Blog – May 2013 Archive (3)

कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया

कुणडलिया

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लाख दवायें कर रहे, कम ना होता रोग

लिखा शास्त्र मे है यही, सबसे उत्तम योग

सबसे उत्तम योग, रोग यह दूर भगाता

ह्रदयों मे उत्साह , बदन मे फुर्ती लाता

स्वस्थ वही हैं आज, योग जो करते जायें

काम करे जो योग, करे नहि लाख दवायें

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बात बनाना है कला, बात सही यह जान

भागदौड की जिंदगी, आता हरदम काम

आता हरदम काम, मुसीबत दूर भगाता

मुश्किल जो हैं काम, उसे यह सहज बनाता

कहते हैं कविराय, पडा उसको पछताना

सीख सका नहि आज, अभी तक… Continue

Added by manoj shukla on May 8, 2013 at 10:30am — 14 Comments

कौन कहे क्या..... हास्य

प्रथम प्रयास .....वीर छंद

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सास बहू से कहे प्रेम से देर भयी सो जाओ 'प्लीज़'

बहू सास से यह कहती है फौरन लाओ आँटा पीस

रणभूमी मे कागा कहता बोटी आज मिली बखशीस

बोटी कहती बच गये शत्रू बस इतनी है मन मे कीस



चोर कहे किसका मुहँ देखा खाली बटुआ लिया चुराय

मूँछ ऐंठ कर कहे सिपाही चुपके हफ्ता दो सरकाय

नेता कहता कसम आपकी सब डारेंगे काम बनाय

वोटर कहता क्षमा कीजिये बहकावे मे आँवै नाय

चापलूस अतिथी ये कहता बच्चे कितने हैं मासूम

गुनगुन…

Continue

Added by manoj shukla on May 5, 2013 at 6:30am — 12 Comments

पहले की तरह .....हास्य व्यंग

आजकल सुबह सुबह

मुर्गे की जगह

लाउडस्पीकर

बाँग दे रहा है

क्योकि

चुनाव आ रहा है.

पहले की तरह

इस बार भी

स्वामी जी

वोट माँगने आयेंगे

पुल्हिया बनवाने

वजीफा दिलवाने

की शपथ खायेंगे

और पहले की तरह

चालिस वोटों से

हार जायेंगे.

पहले की तरह ही

श्रीमती देवी जी

भी आयेंगी

अपने सम्बोधन से

जनता को लुभायेंगी

कुछ नये कुछ पुराने

सवाल उठायेंगी

सत्तापक्ष पर

ताने कसेंगी

और

पहले की तरह… Continue

Added by manoj shukla on May 2, 2013 at 7:00am — 12 Comments

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