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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला left a comment for manoj shukla
"जन्म दिन की हार्दिक मंगलमयी शुभ कामनाए भाई श्री मनोज शुक्ला जी, प्रभु आपको चहुँ ओर प्रगति कर्रे हुए परिवार समाज और देश के प्रगति में योगदान का अवसर प्रदान करे | आपकी और हमारी स्नेहिल द्रष्टि बनी रहे | शुभ शुभ "
Jun 1, 2013
manoj shukla commented on coontee mukerji's blog post सूखा
"बहुत सुन्दर रचना आदर्णीया... बधाई आपको"
May 11, 2013
manoj shukla commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"आदर्णीय बृजेश जी सादर आभार"
May 11, 2013
manoj shukla commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"आदर्णीय प्रदीप जी आपका सादर आभार"
May 11, 2013
बृजेश नीरज commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"सुन्दर कुण्डलिया! सादर बधाई स्वीकारें"
May 11, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"आदर्णीय एडमिन जी मेरे आज के पोस्ट मे काफी गलतियाँ हो गयी है अतः निवेदन है कि उसे डीलीट कर दिया जाये...सादर"
May 11, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"आ. केवल प्रसाद जी, आ. श्री अशोक जी, आ. अलबेला जी, आ. विनय जी, आ. ब्रिजेश जी, आ. श्री सौरभ जी, आ. अनन्त जी , आ. श्री.लक्षमण प्रसाद जी, आ. प्रदीप जी, आ. योगराज जी, आ. बागी जी, आदर्णीया. कुन्ती जी , आदर्णीया. प्राची जी, आदर्णीया. सीमा जी, आदर्णीया…"
May 11, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"बहुत सुन्दर कुण्डलिया आदर्णीय बधाई स्वीकार करें"
May 11, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"कुछ कुण्डलिया ---- मधुशाला मे जा रहे पढे लिखे श्रीमान पियें पिलायें इसलिए बढती झूठी शान बढती झूठी शान मान घटती ही जाती नही समझते बात धूल मे हमे मिलाती कहत सदा कविराय पी रहे हैं जो हाला अपने घर को आज बनाते हैं मधुशाला ---- दारू बेची जा रही खुलेआम…"
May 11, 2013
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"कहते हैं कविराय, पडा उसको पछतानासीख सका नहि आज, अभी तक बात बनाना-योग जरूरी पर बात बनाना बहुत जरूरी  सादर बधाई "
May 10, 2013
manoj shukla liked Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
May 10, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"बहुत सुन्दर रचना...... बधाई स्वीकार करें आदर्णीया"
May 10, 2013
manoj shukla commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"आदर्णीया कुन्ती जी...आपका हार्दक आभार... आपका सुझाव ठीक लगा...प्रयास करेंगे...सादर आभार"
May 10, 2013
manoj shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" अंक - 31
"वीर छंद....16,15 पर यति अंत लघु ---- चौराहे के ठीक बगल मे टोली एक सजी थी आज मदिरा की तो कमी नही थी बोटी साथ मिली थी आज पी पी कर वे डोल रहे थे देखो धूम मची थी आज चट्टे पट्टे झूम रहे थे डंका खूब मची थी आज चूडी कंगन खास बिके थे बढियाँ दाम मिला था…"
May 10, 2013
coontee mukerji commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"मनोज जी , आपने बहुत अच्छा लिखा है लेकिन विषय को अगर और विस्तार देते तो एक पूर्ण रचना बन जाती . सादर / कुंती"
May 9, 2013
manoj shukla commented on manoj shukla's blog post कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया
"आदर्णीया... सीमा जी , आपसे प्रशंशा पाकर मै धन्य हुआ...सादर आभार"
May 9, 2013

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कुछ खरी खोटी....कुण्डलिया

कुणडलिया

----



लाख दवायें कर रहे, कम ना होता रोग

लिखा शास्त्र मे है यही, सबसे उत्तम योग

सबसे उत्तम योग, रोग यह दूर भगाता

ह्रदयों मे उत्साह , बदन मे फुर्ती लाता

स्वस्थ वही हैं आज, योग जो करते जायें

काम करे जो योग, करे नहि लाख दवायें

----

बात बनाना है कला, बात सही यह जान

भागदौड की जिंदगी, आता हरदम काम

आता हरदम काम, मुसीबत दूर भगाता

मुश्किल जो हैं काम, उसे यह सहज बनाता

कहते हैं कविराय, पडा उसको पछताना

सीख सका नहि आज, अभी तक… Continue

Posted on May 8, 2013 at 10:30am — 14 Comments

कौन कहे क्या..... हास्य

प्रथम प्रयास .....वीर छंद

----

सास बहू से कहे प्रेम से देर भयी सो जाओ 'प्लीज़'

बहू सास से यह कहती है फौरन लाओ आँटा पीस

रणभूमी मे कागा कहता बोटी आज मिली बखशीस

बोटी कहती बच गये शत्रू बस इतनी है मन मे कीस



चोर कहे किसका मुहँ देखा खाली बटुआ लिया चुराय

मूँछ ऐंठ कर कहे सिपाही चुपके हफ्ता दो सरकाय

नेता कहता कसम आपकी सब डारेंगे काम बनाय

वोटर कहता क्षमा कीजिये बहकावे मे आँवै नाय

चापलूस अतिथी ये कहता बच्चे कितने हैं मासूम

गुनगुन…

Continue

Posted on May 5, 2013 at 6:30am — 12 Comments

पहले की तरह .....हास्य व्यंग

आजकल सुबह सुबह

मुर्गे की जगह

लाउडस्पीकर

बाँग दे रहा है

क्योकि

चुनाव आ रहा है.

पहले की तरह

इस बार भी

स्वामी जी

वोट माँगने आयेंगे

पुल्हिया बनवाने

वजीफा दिलवाने

की शपथ खायेंगे

और पहले की तरह

चालिस वोटों से

हार जायेंगे.

पहले की तरह ही

श्रीमती देवी जी

भी आयेंगी

अपने सम्बोधन से

जनता को लुभायेंगी

कुछ नये कुछ पुराने

सवाल उठायेंगी

सत्तापक्ष पर

ताने कसेंगी

और

पहले की तरह… Continue

Posted on May 2, 2013 at 7:00am — 12 Comments

सुनो युवाओं....कुण्डलिया

नौटंकी का खेल है, दरबारों का आज

सत्ता चोर छिछोर की, डाँकू का है राज

डाँकू का है राज, झपट यह माल बनाते

पावन धरती खोद, उसे पाताल बनाते

कहते है कविराय, शुरू है उलटी गिनती

युवा आज के समझ रहे सारी नौटंकी

-------

नवपीढी के हाँथ मे, रहे धर्म की डोर

आकर्षित कुछ हो रहे, जो पश्चिम की ओर

जो पश्चिम की ओर, सभ्यता अपनी भूले

कैसे तुम हो पुत्र, प्रिय ! जो जननी भूले

कहते हैं कविराय, चुनो अब ऐसी सीढी

करो राष्ट्र निर्माण, धर्म से हे… Continue

Posted on April 28, 2013 at 8:30pm — 12 Comments

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At 4:07pm on June 1, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगलमयी शुभ कामनाए भाई श्री मनोज शुक्ला जी, प्रभु आपको

चहुँ ओर प्रगति कर्रे हुए परिवार समाज और देश के प्रगति में योगदान का अवसर प्रदान

करे | आपकी और हमारी स्नेहिल द्रष्टि बनी रहे | शुभ शुभ 

At 3:44pm on April 13, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 2:01pm on April 10, 2013, विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी said…
भाई मनोज शुक्ला जी! ओ. बी. ओ. परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। हम आशा करते हैं कि आप अपने उन्नत रचना कर्म, सहयोग एवं कर्मठता से मंच पर सक्रिय व संलग्न रहते हुये मंच की सीखने सिखाने की परम्परा को आगे बढ़ायेंगे।
सादर
 
 
 

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