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कौन कहे क्या..... हास्य

प्रथम प्रयास .....वीर छंद
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सास बहू से कहे प्रेम से देर भयी सो जाओ 'प्लीज़'
बहू सास से यह कहती है फौरन लाओ आँटा पीस
रणभूमी मे कागा कहता बोटी आज मिली बखशीस
बोटी कहती बच गये शत्रू बस इतनी है मन मे कीस


चोर कहे किसका मुहँ देखा खाली बटुआ लिया चुराय
मूँछ ऐंठ कर कहे सिपाही चुपके हफ्ता दो सरकाय
नेता कहता कसम आपकी सब डारेंगे काम बनाय
वोटर कहता क्षमा कीजिये बहकावे मे आँवै नाय

चापलूस अतिथी ये कहता बच्चे कितने हैं मासूम
गुनगुन गुनगुन मच्छर कहता रोगग्रस्त है सबका खून
शेर कहे मै चुप बैठा हूँ नाई काट गया नाखून
नाई कहता लग्न छा गयी देख महीना आया जून

अभियंता का लेखाजोखा सरिया नरम गरम थी भीत
सरिया कहती मुझे पता है काम हुआ था कितना ठीक
नानी कहती घर मे टोना पण्डित ले आओ ज्योतीष
पण्डित कहते इंकम कम था दया किये मुझपे जगदीश

हाँफ हाँफ कर दादा कहते कोई नही किसी का मीत
आला लेकर कहे डाक्टर मर्ज बडा पर लेंगे जीत
वकील कहे जो आप कवी हो पहले मेरा लाओ फीस
कवियों की है बात निराली कलम उठा लिख जाते गीत
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मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by manoj shukla on May 7, 2013 at 8:30pm
आदर्णीया ऊषा जी... आपका हार्दिक आभार
Comment by Usha Taneja on May 7, 2013 at 7:50pm

आदरणीय  manoj shukla जी, बहुत बढ़िया रचना!

बधाई!

Comment by manoj shukla on May 6, 2013 at 3:34pm
आदर्णीय श्री. बृजेश जी...हार्दिक आभार
Comment by बृजेश नीरज on May 6, 2013 at 3:12pm

सुन्दर!  बधाई स्वीकारें.

Comment by manoj shukla on May 6, 2013 at 11:43am
आदर्णीय कुशवाहा जी आपका सादर आभार..... हम आपसे छोटे है आदर्णीय सीखना तो हम चाहते है आप लोगों से
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 6, 2013 at 11:33am

sikhne ko mila 

abhaar .badhai 

Comment by manoj shukla on May 6, 2013 at 10:50am
आदर्णीय श्री. अशोक जी .....आपका हार्दिक आभार
Comment by Ashok Kumar Raktale on May 6, 2013 at 8:40am

सुन्दर प्रयास है बधाई स्वीकारें.

Comment by manoj shukla on May 5, 2013 at 6:30pm
आदर्णीया कुन्ती जी.....हार्दिक आभार
Comment by manoj shukla on May 5, 2013 at 6:28pm
आदर्णीय केवल प्रसाद जी ....सादर आभार

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