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मनोज अहसास's Blog – May 2019 Archive (1)

एक ग़ज़ल मनोज अहसास

22 22 22 22 22 22 22 2

तुम ही बताओ साधु फकीरों तुमने तो देखा होगा ।

इस झूठी दुनिया का वो सच्चा मालिक कैसा होगा ।

जिसकी सोच के हर कतरे में मौत का खौफ समाया हो ,

सोच के देखो दुनिया वालों कैसे वो जीता होगा ।

जिस रास्ते पर चलते चलते मैं तुझको भी भूल गया ,

वो रस्ता तू समझ ले दिलबर कितना पथरीला होगा।

पल पल अपने जीवन का बस इस चिंता में घुलता है ,

बीते कल में ऐसा क्यों था ,आते कल में क्या होगा ।

धोखे ने सौ शक्लें…

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Added by मनोज अहसास on May 10, 2019 at 4:00pm — No Comments

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