For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

yogesh shivhare
  • Male
  • Banda Uttar pradesh
  • India
Share

Yogesh shivhare's Friends

  • deepti sharma
  • Yogi Saraswat
  • डॉ. सूर्या बाली "सूरज"
  • PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA
  • UMASHANKER MISHRA
  • rajesh kumari
  • munna kumar ram
  • आशीष यादव

yogesh shivhare's Groups

 

yogesh shivhare's Page

Latest Activity

munna kumar ram and yogesh shivhare are now friends
Apr 13
gumnaam pithoragarhi commented on yogesh shivhare's blog post इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)
"अच्छी ग़ज़ल हुई है,,,,, वाह क़ाफ़िए को देखा जा। सकता है,"
Jul 5, 2018
Samar kabeer commented on yogesh shivhare's blog post इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)
"जनाब योगेश कुमार शिवहरे जी आदाब, ग़ज़ल अभी बहुत समय चाहती है,बह्र और क़वाफ़ी पर बहुत ध्यान देने की आवश्यकता है,अगर आप ग़ज़ल सीखना चाहते हैं तो ओबीओ पर उपलब्ध ग़ज़ल की कक्षा का लाभ ले,इस प्रयास पर बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 2, 2018
Samar kabeer commented on yogesh shivhare's blog post इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)
"जनाब श्याम नारायण वर्मा जी आदाब,किसी भी रचना पर आप बस इतनी सी टिप्पणी देकर गुज़र जाते हैं,ये ओबीओ की परिपाटी नहीं है, कृपया इस ओर ध्यान दें ।"
Jul 2, 2018
yogesh shivhare commented on yogesh shivhare's blog post इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत धन्यवाद जी. मैं भी कोशिश कर रहा हु सीखने की मार्गदर्शन करते rahiyega"
Jul 2, 2018
Shyam Narain Verma commented on yogesh shivhare's blog post इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)
"बहुत उम्दा ... बहुत बहुत बधाई"
Jul 2, 2018
yogesh shivhare posted a blog post

इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)

इश्क मे दरिया मे उतरता चला गया lजितना डूबा दिल निखरता चला गया llहमने तो की कोशिशे की जुदा न हो lफिर भी     कैसे  बिछड़ता चला गया llउसने लहज़ा      बदल दिया       तभी lनज़रों    से       उतरता      चला गया llउसकी बातों   मे     फिसल गये सभी lमैं भी  फिर     बहकता     चला गया llवो    जितना    सुलझते       चले    गये lउतना  ही   मैने   उलझता   चला गया llइश्क भी आसा न था करना यहाँ "यश" lकाँटों   पर      गुज़रता     चला    गया llयोगेश कुमार शिवहरेमौलिक व अप्रकाशितSee More
Jul 2, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
Banda_Uttar pradesh
Native Place
Banda
Profession
IT executive
About me
Nothing special.

yogesh shivhare's Photos

  • Add Photos
  • View All

Yogesh shivhare's Blog

इश्क के दरिया मे उतरता चला गया (ग़ज़ल)

इश्क मे दरिया मे उतरता चला गया l

जितना डूबा दिल निखरता चला गया ll

हमने तो की कोशिशे की जुदा न हो l

फिर भी     कैसे  बिछड़ता चला गया ll

उसने लहज़ा      बदल दिया       तभी l

नज़रों    से       उतरता      चला गया ll

उसकी बातों   मे     फिसल गये सभी l

मैं भी  फिर     बहकता     चला गया ll

वो    जितना    सुलझते       चले    गये l

उतना  ही   मैने   उलझता   चला गया ll

इश्क भी आसा न था करना यहाँ "यश" l

काँटों   पर…

Continue

Posted on July 2, 2018 at 7:54am — 5 Comments

चार मुक्तक

तुम छोड़ क्या गए हो रूठा है जमाना 

कहते है लोग मुझसे झूठा है ये फ़साना 

मैं पूछता हु उनसे पूजते हो क्यों तुम 

राधिका का था प्रेमी कृष्ण था दीवाना !!



तुम पर हमने कितना ऐतवार किया 

खुद को भूला, इतना बेज़ार किया

शक तुम्हारा कब छोड़ेगा तुम्हारा साथ

हद की हद हो गई इतना इंतज़ार किया



आइना बदलने से , सूरत नहीं बदलती 

जो पत्थर के बने, मूरत नहीं बदलती 

ईमान, खूलूश से जो जीने का हुनर रखते है

हालात…
Continue

Posted on September 2, 2012 at 3:30pm — 2 Comments

एकांत सुहाना लगता है

जिस राह में तुम साथ न हो ,

रास्ता वीराना लगता है

यूँ तो हजारों थे साथ मगर

फिर भी अकेलापन लगता है

जब तन्हाई में तनहा होता हूँ 

यादों की मुंडेर पर बैठकर

यादें चुनने लगता हूँ 

उस बिखरे सन्नाटे में

तुमसे बातें करने लगता हूँ 

जानता हु की तुम मुझसे दूर बहुत

लेकिन अहसास तुम्हारा लगता है

आंसू सूख गए शायद

या किसने रोका होगा

आँखों में सागर मुझको

बंधित…

Continue

Posted on August 3, 2012 at 7:30pm — 9 Comments

उन गहन अँधेरे कमरों में ,सन्नाटा ही अब रहता है

बहुत सालों पहले की मेरी डायरी के पन्नो पर अंकित कुछ पंक्तियाँ आपके समक्ष रख रहा हु .भावो को समेटने की कोशिश की है इन शब्दों के गुलदस्ते में, पसंद आये तो सूचित करियेगा और मुझे अवगत करायें मेरी त्रुटियों से । आपका अपना सबका छोटा भाई योगेश... 



उन गहन अँधेरे कमरों में ,सन्नाटा ही अब रहता है

मैं दरवाजे खोलू कैसे .तेरी याद…

Continue

Posted on July 8, 2012 at 12:00am

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:11pm on August 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 5:46pm on June 19, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

योगेश जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपको ग़ज़ल पसंद आई और आपकी प्रर्तिक्रिया मिली अच्छा लगा।

At 3:33pm on June 8, 2012, UMASHANKER MISHRA said…

बहेतरीन रचना

खामोश बहुत कुछ कह गई

ये चार लाइन बहुत ही दर्द भरे हैं

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manju Saxena is now a member of Open Books Online
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"आदरणीय  narendrasinh chauhan  जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"आदरणीय  TEJ VEER SINGH जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
14 hours ago
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" posted a blog post

दुर्मिल सवैया

सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा ----------जबसे वह जीत चुनाव लिए, तब से नित रौब जमावत हैं…See More
20 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted blog posts
20 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted a blog post

महक

फूल महकते हैंवे सिर्फ महकते नहींअपितु देते हैं एक संदेशकि अपने भीतरआप भी भर लेंइतनी महककि आपका…See More
21 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post आज फिर ...
"सरहाना के लिए हार्दिक आभार, आदरणीया प्रतिभा जी"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post बूँद-बूँद गलती मानवता
"सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार, आदरणीय तेज वीर सिंह जी"
yesterday
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on rajesh kumari's blog post दरवाज़े पर आँधी आके ठहर गई (नवगीत )
"" खुशियों की नन्हीं प्यारी सी भोली मुनिया साँसे लेती ज़ल्दी ज़ल्दी हांफ…"
yesterday
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on vijay nikore's blog post गाड़ी स्टेशन छोड़ रही है
"" धुएँ की आत्मा में चीखती अब अंतिम सीटी गाड़ी अब किसी भी पल स्टेशन छोड़ने को है काल-पीढ़ित खाली…"
yesterday
विनय कुमार posted a blog post

बाढ़ का पानी- लघुकथा

सुबह से हो रही मूसलाधार बरसात रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी, अब तो दोपहर होने वाली थी. पिछले कई…See More
yesterday
vijay nikore posted blog posts
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service