praveen singh "sagar" left a comment for MAHIMA SHREE
praveen singh "sagar" left a comment for suman sinha
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
Saurabh Pandey commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
Sarita Sinha commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
satish mapatpuri commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
Ganesh Jee "Bagi" commented on praveen singh "sagar"'s blog post साधना और आराधना
praveen singh "sagar"'s blog post was featured
praveen singh "sagar" left a comment for SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMARPosted on April 14, 2012 at 7:00pm 9 Comments 0 Likes
जिंदगी के दो आयाम,
साधना और आराधना.
दोनों मार्ग हैं मुक्ति के,
पूर्ण करे हर इच्छा-कामना.
एक प्रोत्साहित करे बल-पौरुष को,
दूजा सन्मार्ग दिखाए.
हर विघ्न में, हर बाधा में,
चित्त की धैर्यता और बढ़ाये.
साधना से जीवन सधे,
केन्द्रित करे ध्यान को.
आराधना से सुमति मिले,
सन्मार्ग बताये इंसान को.
जो जन्म लिया नर रूप में,
तो सफल करें इस जीवन को.
करे आराधना उस इश्वर का,
साध लें अपने तन-मन…
Posted on March 11, 2012 at 4:00pm 11 Comments 1 Like
सनम मैं क्या लिखूँ .............
नयनों से बहते हुए नीर को,
या दिल में चुभते तीर को.
दिखे चेहरा तेरा जिसमे, उस दर्पण को,
या, प्यार में सब कुछ समर्पण को .
या फिर लिखें अपनी फूटी तकदीर को.
नयनों से बहते हुए नीर को,
या दिल में चुभते हुए तीर को.
सनम मैं क्या लिखूँ .............
लिखूँ तुम्हारे रेशमी बालों को,
या उनमे उलझे सारे सवालों को.
लिखूँ अपने दिल की पुकार को,
या तुम जैसे संगदिल यार को.
बंध गई जिसमे मुहब्बत, लिखूँ उस…
Posted on February 12, 2012 at 10:00am 2 Comments 0 Likes
दशहरा मनाते हर साल हम,
पुतला जलाते सदियों बीतीं
कहाँ मरा है रावण अब भी ?
कहा है सुरक्षित अब भी सीता ?.
.
रंग गुलाल उड़ते थे कभी
आती थी जब जब भी होली
भर रहा है बच्चा वच्चा
बम बारूद से अपनी झोली
.
खुशियों के दीप जलते थे
जगमग करती थी दिवाली
लपटें उठती हैं शोलों से
बस्ती जलती है अब खली
.
एकता का पाठ भूले हम
भूल गए मानवता के नारे
काम, क्रोध, लोभ की आग में
सुख शांति सब जल…
RAJEEV KUMAR JHA said… धन्यवाद ! प्रवीण जी.
Admin said… आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिककर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करेऔर फिर रन करा दे |
4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँक्लिक करे |
UMASHANKER MISHRA commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Saurabh Pandey commented on arunendra mishra's blog post जीवन तुझसे एक वर माँगू
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Arun Srivastava commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
Arun Srivastava commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri posted a photo© 2012 Created by Admin.
कुछ आवश्यक लिंक्स
| 2-ग़ज़ल तक्तीह प्रणाली पर एक चर्चा | 3-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -1, | 4-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -2 |
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचना और विचार उनकी निजी सम्पति है जिससे सहमत होना OBO प्रबंधन के लिये आवश्यक नहीं है | OBO पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप मे प्रयोग बिना लेखक या प्रबंधन के अनुमति के बिना करना वर्जित है |

