For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

minu jha
  • Female
  • India
Share on Facebook MySpace

Minu jha's Friends

  • Yogi Saraswat
  • डॉ. सूर्या बाली "सूरज"
  • कुमार गौरव अजीतेन्दु
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
  • Rita Singh 'Sarjana"
  • RAJEEV KUMAR JHA
  • Dr. Shashibhushan
  • PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA
  • JAWAHAR LAL SINGH
  • राकेश त्रिपाठी 'बस्तीवी'
  • संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी'
  • Neeraj Dwivedi
  • CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU'
  • Arun Sri
 

minu jha's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
bihar
Native Place
bihar
Profession
housewife
About me
ek insaan, jiski kalam hi uski pehchan hai..........

Minu jha's Blog

“ प्यार तो हो गया”

मिल बैठ कर परिजनों ने बात नही की थी

पर नज़रें मिलीं थी आपसे

शहनाईयां नही बजी थी

पर तार दिलों के झनझनाए थे

दिए-बत्तिय़ों की चकाचौंध नही हुई थी

पर जज़्बातों की शम्मां रौशन हुई थी

महफिलें नहीं सजीं थी

पर दो जनों की मुलाकात…

Continue

Posted on April 17, 2012 at 11:38am — 5 Comments

नई शुरुआत

उसमे थी उच्छृंखलता,तुम शांति के करीब हो

वो थी सिर्फ एक घटना, शायद तुम मेरा नसीब हो

उसमे थी, पाने की चाहत तुम त्याग को प्यार कहते हो

उसकी बातें थी अविश्वसनीय,तुम विश्वास को आधार कहते हो

उसकी बातें हंसते हुए थी रुलाती,भरती थी मन में निराशा

तुम भी आशावादी,आस दिलाती तुम्हारे प्यार की भाषा

वो थी मेरी सबसे बङी भूल ,तुम सुधार बनके आऐ हो

वो था एक आकर्षण,तुम जिंदगी में प्यार बनके आऐ हो

जितना आसां है उसे भूल के जीना,उतना ही मुश्किल…

Continue

Posted on April 3, 2012 at 11:36am — 8 Comments

अपवाद मेरे जीवन के

विकल्पों की इस दुनियां में

बेरस से इस जहां में

तुम्ही कहो क्यों ढूँढूँ विकल्प तुम्हारा

तुम ही तो वो लम्हा हो

जिसे जीया है मैने

तुम्हारी ही सॉसों के बिगङते तरन्नुम को

तो गीतों में पिरोया है मैंने

तुम्ही पर छोङ रखी है हर ख्वाहिश

 एक ही तो है सपना,जिसे तुम्हारी ही

आंखों से देख रखा है मैने

तुम्हारे ही हर लफ्ज को कैद रखा है दिल में,

जिसे तुम्हारा ही आशियां बनाया है मैने

तुमसे ही तो खुशियों-गमों का रिश्ता…

Continue

Posted on March 3, 2012 at 1:00pm — 26 Comments

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:21pm on March 17, 2012, JAWAHAR LAL SINGH said…

Adarneeya Minu Jee, Namaskar!  bahut achchhee hai kawita aapkee!

At 4:31pm on March 12, 2012, MAHIMA SHREE said…
मीनू जी, आपका बहुत धन्यवाद
At 3:52pm on March 2, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniya minu ji, mitrata hetu dhanyvad

At 8:21am on March 1, 2012, Admin said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन ।फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
5 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
11 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
11 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
15 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service