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डॉ. नमन दत्त's Page

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Saurabh Pandey commented on डॉ. नमन दत्त's blog post 'एक ग़ज़ल....'
इक दर्द रहा जो क़ायम है, 'साबिर' बाक़ी सब बीत गया. इस बेहतरीन प्रयास पर हार्दिक शुभकामनाएँ
Dec 29, 2011
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एक ग़ज़ल....

   कल रात कहीं कुछ रीत गया.                        लम्हे टूटे, मैं बीत गया.       साँसें क्या हैं..? इक व्यर्थ गति,                             जब साँसों का संगीत गया. जीवन सपनों के नाम हुआ,                                  तज कर मुझको हर मीत गया.     अक्सर जीवन की चौखट पर,                                  सुख हार गया, दुःख जीत गया. इक दर्द रहा जो क़ायम है,                                                          'साबिर' बाक़ी सब बीत गया.     [14/04/2007]See More
Blog post by डॉ. नमन दत्त Dec 28, 2011
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हमारी बड़ी बेटी "नमामि" की ये वेबसाइट कृपया एक बार अवश्य विज़िट करें... http://www.wix.com/namamidutt/home
Status posted by डॉ. नमन दत्त Dec 28, 2011
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GOPAL BAGHEL 'MADHU' commented on डॉ. नमन दत्त's video
उत्तम भाव व गायन..समय मिलाने पर मेरा चलचित्र देखें इसी प्रष्ठ पर एवं निम्न लिंकों पर  www.YouTube.com/GopalBaghel; www.GopalBaghelMadhu.com
Dec 12, 2011
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Ajnabi Shahar Ke Ajnabi Raaste....wmv

A very beautiful ghazal...Written by Dr. Rahi Masoom Raza...Compodsed by Dr. Naman Dutt and Sung by Prof. Dr. T. Unnikrishnan....Kindly enjoy this...
A video by डॉ. नमन दत्त was featured Nov 26, 2011
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Ham tumhein bhoole nahin hain ( Sung By Tapsi Nagraj )

सुप्रसिद्ध गायिका तापसी नागराज जी (सौभाग्य से हमारी धर्मबहिन...हमारी बड़ी दीदी ) द्वारा बेहद नफ़ासत से गाया हमारा स्वरबद्ध किया ये गीत, जिसके शब्द लिखे हैं ड...
A video by डॉ. नमन दत्त was featured Sep 29, 2011
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Ham tumhein bhoole nahin hain ( Sung By Tapsi Nagraj ) .wmv

सुप्रसिद्ध गायिका तापसी नागराज जी (सौभाग्य से हमारी धर्मबहिन...हमारी बड़ी दीदी ) द्वारा बेहद नफ़ासत से गाया हमारा स्वरबद्ध किया ये गीत, जिसके शब्द लिखे हैं ड...
Video posted by डॉ. नमन दत्त Sep 29, 2011
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साँई स्तवन

# साँई स्तवन #जनम सफल कर ले, भवसागर तर ले,छुट जायेंगे सारे फंदे, साँई चरण धर ले....१. कौन सहारा देगा तुझको सोच ज़रा,तुझे कहाँ ले जाएगा अभिमान तेरा,अंत समय क्या तेरे साथ चलेगा जग ?यम का फंद गहेगा बंदे प्राण तेरा,अब तो ध्यान लगा, प्रभु से लगन लगा,हर दुःख मिट जाएगा तेरा, एक जतन कर ले....जनम सफल कर ले.....२. दिल का बड़ा दयालू है साँई मेरा,भूल के तेरी भूल, गहेगा हाथ तेरा,बाँह पकड़कर पार उतारेगा तुझको –मान ले मेरी बात, तू कर विश्वास मेरा,आँखें खोल ज़रा, साँई बोल ज़रा,नाम सुगंधी साँई से अपना तन-मन भर…See More
Blog post by डॉ. नमन दत्त Sep 25, 2011
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डॉ. नमन दत्त commented on योगराज प्रभाकर's blog post '5 कह मुकरियाँ'
हज़रते अमीर ख़ुसरो की रवायत का सिलसिला आपने बख़ूबी निभाया प्रभाकर जी...और वो भी आज के इस जदीद नज़रिए के झरोखे से...मुबारक़बाद
Sep 22, 2011
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satish mapatpuri commented on डॉ. नमन दत्त's blog post 'बाक़ी रहा न मैं....'
सुन्दर ख्यालात हैं दत्त साहेब ...................... बधाई
Sep 12, 2011
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Ganesh Jee "Bagi" commented on डॉ. नमन दत्त's blog post 'बाक़ी रहा न मैं....'
इक ज़िंदगी की बाज़ी थी हुस्न के मुकाबिल, सो वो भी हार बैठा दिले-बदक़िमार मेरे. बहुत खूब दत्त साहब, बहुत ही खुबसूरत नज़्म प्रस्तुत किया है आपने, भाव प्रधान रचना हेतु आभार आपका |
Sep 12, 2011
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बाक़ी रहा न मैं....

बाक़ी रहा न मैं, न ग़मे-रोज़गार मेरे.अब सिर्फ़ तू ही तू है परवरदिगार मेरे.यारब हैं सर पे आने को कौन सी बलायें,क्यूँ आज मेरी क़िस्मत है साज़गार मेरे.बरसेगी और तुझपे ? उनके करम की बदली,तेरा कहाँ मुक़द्दर दिले-रेगज़ार मेरे.सज्दे में सर किया है जिसने क़लम हमारा,दे उम्रे-ख़ि़ज़्र उनको ऐ कर्दगार मेरे.इक ज़िंदगी की बाज़ी थी हुस्न के मुकाबिल,सो वो भी हार बैठा दिले-बदक़िमार मेरे.हैं आज हसरतों के वहीं पर मज़ार यारो,कल तक जहाँ हरे थे ये चमनज़ार मेरे.मेरे तसव्वुरात से गर वो नहीं हैं गुज़रे,फिर क्यूँ…See More
Blog post by डॉ. नमन दत्त Sep 12, 2011
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डॉ. नमन दत्त and fauzan are now friends Sep 12, 2011
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fauzan commented on डॉ. नमन दत्त's blog post 'जाने कब के बिखर गये होते....'
जाने कब के बिखर गये होते.ग़म न होता,तो मर गये होते.............lajawab matla kaha hai aapne......zindabad   इक ख़लिश उम्र भर रही, वर्ना -सारे नासूर भर गये होते...............zabardast................  
Sep 7, 2011
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डॉ. नमन दत्त commented on डॉ. नमन दत्त's video
Thanx sir....for such a nice comment and blessings....Thanx again
Jul 21, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
Khairagarh, Chhattisgarh
Native Place
Jabalpur
Profession
Associate Professor
About me
मैं एक संगीत का साधक हूँ और एशिया के पहिले संगीत और कला को समर्पित विश्वविद्यालय - "इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) में सेवारत हूँ....मैंने ग़ज़ल गायकी पर शोध कार्य किया है....मुझे ग़ज़लों से बेहद लगाव है..साथ ही मैं "साबिर" के नाम से लिखता भी हूँ..

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डॉ. नमन दत्त

एक ग़ज़ल....

Posted on December 28, 2011 at 8:30am 3 Comments

   कल रात कहीं कुछ रीत गया.

                       लम्हे टूटे, मैं बीत गया.

      साँसें क्या हैं..? इक व्यर्थ गति,…

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डॉ. नमन दत्त

साँई स्तवन

Posted on September 25, 2011 at 8:17am 0 Comments

# साँई स्तवन #



जनम सफल कर ले, भवसागर तर ले,

छुट जायेंगे सारे फंदे, साँई चरण धर ले....

१. कौन सहारा देगा तुझको सोच ज़रा,

तुझे कहाँ ले जाएगा अभिमान तेरा,

अंत समय क्या तेरे साथ चलेगा जग ?…

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डॉ. नमन दत्त

बाक़ी रहा न मैं....

Posted on September 12, 2011 at 7:30am 2 Comments

बाक़ी रहा न मैं, न ग़मे-रोज़गार मेरे.

अब सिर्फ़ तू ही तू है परवरदिगार मेरे.



यारब हैं सर पे आने को कौन सी बलायें,

क्यूँ आज मेरी क़िस्मत है साज़गार मेरे.



बरसेगी और तुझपे ? उनके करम की बदली,…

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डॉ. नमन दत्त

कब यह पीर मिटेगी मन की....

Posted on July 15, 2011 at 10:00pm 0 Comments

[ विशेष - ओ.बी.ओ. के साहित्य मर्मज्ञ सुधि पाठकों के समक्ष अपनी यह रचना रख रहा हूँ. इसमें मैंने जीवन और आयु के विशेष सन्दर्भ इस मंतव्य के साथ प्रयोग किये हैं कि जीवन सदैव कम होता जाता है जबकि आयु सदैव बढ़ती ही जाती है...इसी भावना को ध्यान में रखकर रचना का अवलोकन करें...मुझे उम्मीद है कि ये विशिष्ट सन्दर्भ प्रयोग आप सभी को पसंद आएगा...]

 

 

कब यह पीर मिटेगी मन की.…

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