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भारतीय छंद विधान Discussions (68)

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सदस्य टीम प्रबंधन

ताटंक छन्द के मूलभूत सिद्धांत // - सौरभ

ताटंक छन्द अर्द्धमात्रिक छन्द है. इस छन्द में चार पद होते हैं, जिनमें प्रति पद 30 मात्राएँ होती हैं. प्रत्येक पद में दो चरण होते हैं जिनकी…

Started by Saurabh Pandey

6 Oct 5, 2016
Reply by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

हिन्दी छन्द परिचय, गण, मात्रा गणना, छन्द भेद तथा उपभेद - (भाग २)

इस लेख के पिछले खंड हिन्दी छन्द परिचय, गण, मात्रा गणना, छन्द भेद तथा उपभेद - (भाग १) में बताया गया कि छन्द मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं…

Started by वीनस केसरी

14 Jul 3, 2016
Reply by Saurabh Pandey

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चौपई छंद // --सौरभ

हमें चौपई छंद से मिलते-जुलते नाम वाले अत्यंत ही प्रसिद्ध सममात्रिक छंद चौपाई से भ्रम में नहीं पड़ना चाहिये. चौपाई छंद 16 मात्राओं के चरण का…

Started by Saurabh Pandey

15 Mar 13, 2016
Reply by Saurabh Pandey

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मनहरण घनाक्षरी के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

घनाक्षरी या कवित्त को मुक्तक भी कहते हैं. इसके सार्थक कारण हैं. इस छन्द के पदों में वर्णों की संख्या तो नियत हुआ करती हैं, किन्तु, छन्द के…

Started by Saurabh Pandey

8 Feb 21, 2016
Reply by Saurabh Pandey

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सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

सार छंद एक अत्यंत सरल, गीतात्मक एवं लोकप्रिय मात्रिक छंद है. हर पद के विषम या प्रथम चरण की कुल मात्रा १६ तथा सम या दूसरे चरण की कुल मात्रा…

Started by Saurabh Pandey

19 Feb 20, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

           रीतिकाल के आचार्य चिंतामणि ने कहा है - जो सुनि  परे सो शब्द है समुझि परे सो अर्थ  I इससे स्पष्ट होता है की सुनने और समझने के बीच…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

विभावन-व्यापार में साधारणीकरण की प्रक्रिया

                         हिन्दी-विक्षनरी के अनुसार विभावन-व्यापार रसविधान में वह मानसिक व्यापार है जिसके कारण पात्र में प्रदर्शित   भाव   …

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

3 Apr 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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कुकुभ छन्द के मूलभूत सिद्धांत // - सौरभ

कुकुभ छन्द अर्द्धमात्रिक छन्द है. इस छन्द में चार पद होते हैं तथा प्रति पद 30 मात्राएँ होती हैं. प्रत्येक पद में दो चरण होते हैं जिनकी यति…

Started by Saurabh Pandey

5 Feb 20, 2015
Reply by Saurabh Pandey

'रूपमाला रूपसी है, रास करता छंद'. :मदन-छंद या रूपमाला

मदन छन्द या रूपमाला   एक अर्द्धसममात्रिक छन्द, जिसके प्रत्येक चरण में 14 और 10 के विश्राम से 24 मात्राएँ और पदान्त गुरु-लघु से होता है. इसक…

Started by Er. Ambarish Srivastava

25 Jan 18, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

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नवगीत ( एक परिचर्चा)

नवगीत हिन्दी काव्यधारा की एक नवीन विधा है।  नवगीत एक तत्व के रूप में साहित्य को महाप्राण निराला की रचनात्मकता से प्राप्त हुआ । इसकी प्रेरणा…

Started by Dr.Prachi Singh

123 Nov 10, 2014
Reply by Rahul Dangi Panchal

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Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
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Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
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"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
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"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
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