For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पांच गो भोजपुरी हाइकू
(१)
यू पी चुनाव
शुरू बा कांव कांव
जागल गाँव
(२)
हाथी तोपाई
करकस बोलाई
हाथों जोड़ाई
(३)
नेता के फ़ौज
लफंगन के मौज
मुफ्त के भोज
(४)
झूठ के फंदा
समझ से ल काम
ना बनs अन्धा
(५)
बुधि लगावs
काबिल के नाम पे
वोट गिरावs

***

*

हमार पिछुलका पोस्ट => एगो प्रयास : भोजपुरी "कह मुकरी"

Views: 2025

Replies to This Discussion

अरे वाह, बड़ा कमाल के बात बा..........हम ता सोचियो ना सकत रहनी हा.

आभार नीलम दीदी |

बागी जी! बागी जी! भला इ हाइकू कइसे रचल जाला? रउवा तनी हमहुक बतावे के किरपा कइं देइं ताकि एकाध गो हाइकू हमहूं रचि लेतीं।मन मा बड़ी जिज्ञासा जगल बा।

हाइकू विधा
पांच सात औ पांच
कुल सत्रह

विन्धेश्वरी प्रसाद जी , हाइकु एगो जापानी साहित्यिक विधा ह, जेमे कुल तीन गो स्वतंत्र पक्ति होला, ध्यान देब स्वतंत्र पक्ति होला, एह विधा में वर्ण के गिनती होला , पहिला पक्ति ५ वर्ण दूसरा सात और तीसरा पांच वर्ण होला, आधा अक्षर के गिनती ना कईल जाला, कहे के मतलब कि एगो ५+७+५=१७ अक्षर के कविता जेमे रौउआ आपन पूरा बात कह दिही, इ तुकांत और अतुकांत दुनो हो सकत बा |

बागी जी इ जानकारी देवे के खातिर हम
राउर के आभारी हइं।हमनी पे आपन
किरपा के हाथ अइसै बनाए राखल
जाइ।बहुत बहुत आभार बागी जी।
अब हमहूं हाइकू रचब।

बहुते सुघर हाइकु लिखले  बानी जी| एक दम सामयिक रहे ओह समय| 

हमारो बधाई स्वीकार कर लीं|

aadarniya bagi sir ji, sadar pranam, bahut sundar likha hai apne. dhoodna pada ise. mobile sandesh ke jariye dhooda hai. vote dalne ke sandarbh ek rachna j.j. par dali thi bhojpuri toch diya tha. man tha aapse isi toch ke sath baat karoon, himmat nahi padi. badhai, ab to group join ho gaya hai. 

धन्यवाद आदरणीय प्रदीप कुशवाहा जी |

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
8 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
22 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service