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पांच गो भोजपुरी हाइकू
(१)
यू पी चुनाव
शुरू बा कांव कांव
जागल गाँव
(२)
हाथी तोपाई
करकस बोलाई
हाथों जोड़ाई
(३)
नेता के फ़ौज
लफंगन के मौज
मुफ्त के भोज
(४)
झूठ के फंदा
समझ से ल काम
ना बनs अन्धा
(५)
बुधि लगावs
काबिल के नाम पे
वोट गिरावs

***

*

हमार पिछुलका पोस्ट => एगो प्रयास : भोजपुरी "कह मुकरी"

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Replies to This Discussion

अरे वाह, बड़ा कमाल के बात बा..........हम ता सोचियो ना सकत रहनी हा.

आभार नीलम दीदी |

बागी जी! बागी जी! भला इ हाइकू कइसे रचल जाला? रउवा तनी हमहुक बतावे के किरपा कइं देइं ताकि एकाध गो हाइकू हमहूं रचि लेतीं।मन मा बड़ी जिज्ञासा जगल बा।

हाइकू विधा
पांच सात औ पांच
कुल सत्रह

विन्धेश्वरी प्रसाद जी , हाइकु एगो जापानी साहित्यिक विधा ह, जेमे कुल तीन गो स्वतंत्र पक्ति होला, ध्यान देब स्वतंत्र पक्ति होला, एह विधा में वर्ण के गिनती होला , पहिला पक्ति ५ वर्ण दूसरा सात और तीसरा पांच वर्ण होला, आधा अक्षर के गिनती ना कईल जाला, कहे के मतलब कि एगो ५+७+५=१७ अक्षर के कविता जेमे रौउआ आपन पूरा बात कह दिही, इ तुकांत और अतुकांत दुनो हो सकत बा |

बागी जी इ जानकारी देवे के खातिर हम
राउर के आभारी हइं।हमनी पे आपन
किरपा के हाथ अइसै बनाए राखल
जाइ।बहुत बहुत आभार बागी जी।
अब हमहूं हाइकू रचब।

बहुते सुघर हाइकु लिखले  बानी जी| एक दम सामयिक रहे ओह समय| 

हमारो बधाई स्वीकार कर लीं|

aadarniya bagi sir ji, sadar pranam, bahut sundar likha hai apne. dhoodna pada ise. mobile sandesh ke jariye dhooda hai. vote dalne ke sandarbh ek rachna j.j. par dali thi bhojpuri toch diya tha. man tha aapse isi toch ke sath baat karoon, himmat nahi padi. badhai, ab to group join ho gaya hai. 

धन्यवाद आदरणीय प्रदीप कुशवाहा जी |

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