For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पांच गो भोजपुरी हाइकू
(१)
यू पी चुनाव
शुरू बा कांव कांव
जागल गाँव
(२)
हाथी तोपाई
करकस बोलाई
हाथों जोड़ाई
(३)
नेता के फ़ौज
लफंगन के मौज
मुफ्त के भोज
(४)
झूठ के फंदा
समझ से ल काम
ना बनs अन्धा
(५)
बुधि लगावs
काबिल के नाम पे
वोट गिरावs

***

*

हमार पिछुलका पोस्ट => एगो प्रयास : भोजपुरी "कह मुकरी"

Views: 2005

Replies to This Discussion

वाह वाह वाह बागी जी वाह !! हाइकू अउर उहो भोजपुरी में साथ में तुकांतदारों...गज़ब गज़ब गज़ब, सभे पंक्ति खुद में स्वतंत्र बा, सभे हाइकु बड़ नीमन संदेशा देत बा, राउर इ प्रयास ना खाली पूरा सफल बा बल्कि स्तुत्यों बा, हमार हार्दिक साधुवाद रउआ सवीकार करी |

आदरणीय परधान संपादक जी, रउआ हमार एगो तुच्छ प्रयास के सरहनी ह , हमार लिखल सफल लागे लागल, राउर बहुत बहुत धन्यवाद |

आयँ ??????!!!!  वाह्वाऽऽऽ   वाह्वाऽऽऽ !!  वाह-वाह !....................

हाइकू पर बाद में.  पहिले त आदरणीय योगराज जी के एह टिप्पणी पर सादर नमन .. .    सही बात बा,  भाषा-प्रेम के निकहा रूप खूबे रूचल. 

तूसी कमाल कर दित्ता, आदरणीय योगराज भाई जी.

सादर

हम राउर बात से सहमत बानी भईया, हम अईसही ना उहा के गुरुदेव बनईले बानी :-)

bahut rochak bhojpuri haaiku.

बहुत बहुत आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी |

कोशिश करत बनी देखि कामयाब होनी की ना 
(१)
यू पी चुनाव 
शुरू बा कांव कांव 
जागल गाँव 

माया के दोस 

यू पी में बा आक्रोश 

ना अफ़सोस 


(२)
हाथी तोपाई
करकस बोलाई 
हाथों जोड़ाई 

हाथी लुकाई 

अब इ भाग जाई 

तब के आई 


(३)
नेता के फ़ौज 
लफंगन के मौज 
मुफ्त के भोज 

नेता जी चोर 

चमचा मुहजोर 

इहे बा शोर 



(४)
झूठ के फंदा 
समझ से ल काम 
ना बन अन्धा 

समय छुट्टी 

त इ जन जाई की 

इ खूब लुटी 


  
(५)
बुधि लगावs
काबिल के नाम पे 
वोट गिरावs

इ परेशानी 

उहा जे चल जाई 

करी सैतानी 

***

*

आभार गुरु जी |

खूबे नीमन प्रयोग बा, भाई गणेशबाग़ीजी.

हाइकू के शिल्प के निकहा उदाहरण.  बहुते बधाई.

बहुत बहुत आभार भईया,

सबकी वाह...वाह में हमरी तालियाँ भी शामिल कीजिये. बड़े कमाल के हाइकू किये हैं पेश..इनपर लख-लख बधाई..गणेश.   

धन्यवाद शन्नो दी |

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
2 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
2 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
9 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service