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देशवा के खातिर बीर जहवां दे देले परनवा,
हिन्दुस्तनवा हमारे बा......................,
जाने जेके दुनिया महनवा, हिन्दुस्तनवा हमारे बा....................

देशवा के खातिर सब लुटावे आपन जान हो,
नाही जाए पाई हमरे देश वा के शान हो|
नाक बच जाई सबके एहे अर्मनवा,
हिन्दुस्तनवा हमारे बा....................

हिमालय करे रक्षा जेकर सर आपन उठाय हो,
हिंद सागर गर्व से धोवे जेकर पाँव हो|
गंगा जईसन नदी जहवां सींचे मैदनवा,
हिन्दुस्तनवा हमारे बा....................
जाने जेके दुनिया महनवा, हिन्दुस्तनवा हमारे बा...................

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Replies to This Discussion

aadarniy sanjiv verma ji pranaam,
mai armaan shabd ko likhne me galti kar gaya iske liye maafi chaahata hu.
meri rachana aapne pasand ki mai bahut khush hu. dhanyawaad.
आशीष देशभक्ति से परिपूर्ण ये रचना तो भोजपुरी साहित्य की शान है ....बधाई
aap log ke aashish se hi yah ashish likhta hai. aap log sneh banaye rakhe.
dhanyawaad
bahute sunder waa...miaaj khush ho gailas...
raaur sneh ba. aap ke geet badhiya laagal, bahut khush bhaeelin ham.

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