For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पुस्तक समीक्षा Discussions (112)

← Back to पुस्तक समीक्षा
Discussions Replies Latest Activity

निकष पर -ःकिरण किरण रोशनी’            ::   डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 समीक्ष्य पुस्तक- किरण किरण रोशनी (कहानी संग्रह) लेखिका-रूबी शर्मा प्रकाशन वर्ष- 2017 ई0 प्रकाशक- नमन प्रकाशन, स्टेशन रोड, लखनऊ            …

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Apr 23, 2019

ककनमठ( उपन्यास) समीक्षा

प्रथम प्रयास  पुस्तक : ककनमठ लेखक: पं. छोटेलाल भरद्वाज प्रकाशक: प.दिनेश भरद्वाज मूल्य: ५००/- रूपये प्रथम संस्करण: १९८८ द्वितीय संस्करण: २०…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

2 Feb 25, 2019
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

पटना वाला प्यार (कहानी संग्रह) पुस्तक समीक्षा

पुस्तक : पटना वाला प्यारविधा- कहानी संग्रहलेखक- अभिलाष दत्तप्रकाशक-समदर्शी प्रकाशनसंस्करण- अक्टूबर,2018मूल्य - ₹150/- अभिलाष दत्त द्वारा ल…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Feb 23, 2019

मेघदूत का छायानुवाद है ‘यक्ष का संदेश’- डॉ. पाण्डेय रामेन्द्र                                   प्रस्तुति – गोपाल नारायण श्रीवास्तव    7

यक्ष का संदेश – डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव अंजुमन प्रकाशन, 942, मुट्ठीगंज, इलाहाबाद-3, प्रथम संस्करण 2018, कुल पृ0-92, मूल्य- रू. 150/- भा…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 30, 2018

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या- माह अक्टूबर,  2018- एक प्रतिवेदन  -डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

                                           

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 30, 2018

पुस्तक समीक्षा : “दर्पण .... एक उड़ान कविता की”

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाता काव्य संग्रह वर्तमान अंकुर के संयोजन में, एकल पुस्तक संग्रह की श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित काव्यसंग्रह, “…

Started by Vikas Sharma 'Daksh'

0 Sep 20, 2018

पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”

सभी कहानियां भावनाओं से परिपूर्ण: पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के” ‘दायरे.... रिश्तों के’  25 लाजवाब कहानियों का यह कहानी संग्रह रोहि…

Started by Vikas Sharma 'Daksh'

0 Sep 20, 2018

समीक्षा : नागफनी के दंश

समीक्षा पुस्तक : नागफनी के दंश प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, सी-46, सुदर्शनपुरा इंडस्ट्रियल एरिया एक्स्टेंशन, नाला रोड, 22 गोदाम, जयपुर-302006. म…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Apr 1, 2018

सदस्य कार्यकारिणी

आचमनीय है “लघुकथा कलश”

आचमनीय है “लघुकथा कलश” ‘लघु कथा कलश’ एक ऐसा कलश जिसमे ३०० पावन नदियों का आचमनीय जल समाया हुआ है हिंदी साहित्य का एक विशाल सागर एक छोटी सी ग…

Started by rajesh kumari

0 Mar 19, 2018

सदस्य कार्यकारिणी

“जगमगाता रहे दुनिया को मुनव्वर "कौकब”

जब कोई अपने तज्रिबात और एहसासात की जमीं पर ग़ज़ल गोई ,जज्बात निगारी और कुदरती मनाजिर की अक्कासी करता है तो वो जमाने भर से एक रब्त कायम कर ले…

Started by rajesh kumari

7 Mar 18, 2018
Reply by pratibha pande

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service