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पुस्तक समीक्षा Discussions (112)

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पुस्तक समीक्षा : उन्मेष, कवियित्री:मानोशी, समीक्षक:राणा प्रताप सिंह

इन्टरनेट जगत में सक्रिय कोई पाठक शायद ही टोरंटो, कनाडा निवासी मानोशी के नाम से अपरिचित हो| आपका काव्य संग्रह 'उन्मेष' हाल ही में अंजुमन प्र…

Started by Rana Pratap Singh

7 Aug 26, 2013
Reply by Manoshi Chatterjee

आदरणीय इं० अम्बरीष श्रीवास्तव 'अंबर' जी की पुस्तक 'देश को प्रणाम है' की पुस्तक समीक्षा

'देश को प्रणाम है' : इं० अम्बरीष श्रीवास्तव 'अम्बर' कविवर अंबरीष श्रीवास्तव 'अंबर' जी के काव्य संग्रह से गुजरना छंदमय कविता के उस युग से स…

Started by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU'

0 Jan 28, 2013

पुस्तक समीक्षा : मुमताज महल (उपन्यास), लेखक - डॉ सुरेश वर्मा, समीक्षक - संजीव वर्मा "सलिल"

कृति-चर्चाकाल के गाल पर ढुलका आँसू मुमताजमहल संजीव वर्मा 'सलिल' * (विवरण: मुमताजमहल, उपन्यास, डिमाई आकार, पृष्ठ 350, आवरण बहुरंगी पेपरबै…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Jan 27, 2013

किन्तु मन हारा नहीं /श्याम श्रीवास्तव /नवगीत संकलन

तीसरी गीत कृति 'किन्तु मन हारा नहीं ' के गीतकार श्याम श्रीवास्तव जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं श्याम जी के गीत समसामयिक सन्दर्भों में मानव…

Started by seema agrawal

0 Dec 27, 2012

पुस्तक-समीक्षा.....".कहता है अविनाश."

                                                                     पुस्तक-समीक्षा. (पुस्तक -कहता है अविनाश.)........................सितम्…

Started by AVINASH S BAGDE

1 Nov 2, 2012
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

परिवर्तन-कलम से

जब भी लेखक अपने विचारों को वर्तनी के माध्यम से कागज़ पर मूर्त रूप देता है तो ये उतना ही कठिन होता है जैसे शिशु का जन्म. रचना कैसी भी बन पड़…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

0 Nov 1, 2012

कृति चर्चा: आम आदमी के दर्द के आलेख : सुमित्र के व्यंग्य लेख चर्चाकार: संजीव 'सलिल'

कृति चर्चा: आम आदमी के  दर्द के आलेख : सुमित्र के व्यंग्य लेख चर्चाकार: संजीव 'सलिल' *व्यंग्य लेखन साहित्य की वह विधा है जो कालखंड विशेष की…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Oct 5, 2012

पुस्तक सलिला: 'खुले तीसरी आँख' : प्राणवंत ग़ज़ल संग्रह संजीव 'सलिल' * (पुस्तक विवरण: खुले तीसरी आँख, हिंदी ग़ज़ल (मुक्तिका) संग्र

पुस्तक सलिला:                                                                    'खुले तीसरी आँख' : प्राणवंत ग़ज़ल संग्रह संजीव 'सलिल' *…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Sep 2, 2011

'बिखरे मोती'

"वक्त की पाठशाला में एक साधक"-श्री समीर लाल 'समीर'   कलम आम इन्सान की ख़ामोशियों की ज़ुबान बन गई है कविता लिखना एक स्वभाविक क्रिया है, शा…

Started by Devi Nangrani

1 Mar 7, 2011
Reply by Rana Pratap Singh

भारत का हिंदी लघुकथा संसार

लघुकथा वर्तमान में साहित्य में एक सशक्त विधा के रूप में स्थापित है! आम पाठक की रूचि लघुकथाओ में बनी है ! लघु कथाओं को लेकर कई पुस्तके बाज़…

Started by रौशन जसवाल विक्षिप्‍त

0 Nov 17, 2010

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दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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