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काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,

काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,
का मिलेला तोहके बोला आइसे में हमके तरपा के ,
जाने लू तोहरे के चाही ले रखी ले दिल में बसा के ,
सातों जनम के बा साथ साबित करब आपन बनाके ,
काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,
हमारा नेहिया के नाता जान तहरा देहिया से नइखे ,
जनम जनम के परीतिया के खेल रखलेबा इहो मिलाके ,
एक बेर आव तू सूरत दिखाव समझा तुहू लगे आके ,
बतिया तू मान हमरा के जान देखा तू नजर मिलाके ,
काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,

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Replies to This Discussion

Guru ji , bhawahiya ke sab batawe ke pari,
Mazaq karat bani .
acha likhle bani
काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,
का मिलेला तोहके बोला आइसे में हमके तरपा के ,

waah guru jee waah......bahut badhiya likhle bani...
lekin baat kaa baa aajkal etna dard kahe nikal rahal baa,,,,,,.......
गुरु जी बहुत खूब लिखले बनी रौवा आएसन कविता ता बहुते कम पढ़े के मिलेला .......

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