For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 97939

Reply to This

Replies to This Discussion

आज हमारे परिवार के सक्रिय सदस्य एवम सबके चहेता आदरणीय अलीम आज़मी जी और आदरणीया ममता पाण्डेय जी का जन्म दिन है, हम सभी आप के लम्बी उम्र और सफल जीवन की कामना करते है, जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाये स्वीकार करे,
janadin ki bahut bahut shubhkamnaye aleem jee aur mamata jee...

bhagwaan se yahi prarthana hai ki aap dono ko duniya ki saari khusiya mile aur aaplog ke jeewan me dukh naam ka koi chij hi naa ho.......

shubhkamna sahit.......PREETAM TIWARY


Admin said:
आज हमारे परिवार के सक्रिय सदस्य एवम सबके चहेता आदरणीय अलीम आज़मी जी और आदरणीया ममता पाण्डेय जी का जन्म दिन है, हम सभी आप के लम्बी उम्र और सफल जीवन की कामना करते है, जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाये स्वीकार करे,
भाइयो मैं आज से 15 साल पहले हुई एक घटना का ज़िक्र करना चाहता हू, वो दिन था 15 जून 1995 जब मैं और सरोज जी प्यार के बंधन मे बँधे यानी आज के दिन ही हमारी शादी हुई थी,
धन्यवाद,
साथियो, आज हमारे प्रिय श्री गणेश जी "बागी" की शादी कि 15 वीं सालगिरह है ! इस शुभ अवसर पर मैं अपनी एवं समस्त oBo परिवार कि तरफ से उनको शुभकामनाएं देना चाहता हूँ ! मैं परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आपकी जोड़ी युगों युगों तक बनी रहे, और भगवान आपको और आपके पूरे परिवार को हर ख़ुशी और हर सफलता बख्शे !
बहुत बहुत धन्यवाद योगराज भईया, बस आप का आशीर्वाद जीवन भर बना रहे यही कामना है,
बागी भैया आपको शादी की सालगिरह मुबारक हो.
यह हास्य कविता बागी जी को उनकी शादी की १५ वीं सालगिरह पर स्पेम समर्पित है ! जोकि श्री राणा प्रताप सिंह जी के सहयोग से लिखी है !

बहर घूमने खाने की, देखो अब आदत ख़तम हुई
अपने बागी जी की अब, हर एक बगावत ख़तम हुई

जब डेढ़ दशक पहले शादी की, पड़ी पांव में बेड़ियाँ
गप्प लड़ाएं मित्रों संग, इसकी भी चाहत ख़तम हुई

अपने भैया को हैं भाए, बेलन इतने भाभी के
हलुए, खीर और पूडी, खाने की हसरत ख़तम हुई

तड़के ही उठ कर अब इनको, दूध भी लाना पड़ता है
दिन चढ़ने तक सोने की, जो भी थी राहत ख़तम हुई

भूल गए चौराहा और, पप्पू की चाय भी भूल गए
और सिनेमा के टिकटों की, सारी कीमत ख़तम हुई

पत्नी जी जब सामने आये, ये मिमियाते फिरते हैं
कभी दहाड़े, धरती हिलती, अब वो ताकत ख़तम हुई
waah waah....bagi ji ki peeda ko shabd de diye rana ji aur yogi sir ne ....wah
21 tareekh se apka chhota bhai apne jeevan me nayi job ke saath nayi shuruaat karne ja raha hai, central india ke ek bade MBA entrance coaching institute Cerebral Heights ki monthly magazine 'EnriCH" ka sub editor ban ke join kar raha hu....sabhi ki duaon ki jarurat hai.....:)
दुष्यंत जी, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के तरफ से मैं परम पिता परमेश्वर से कामना करते है की आप नई जॉब के साथ सफलता की बुलंदियों पर पहुचे,

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
4 hours ago
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
7 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
10 hours ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
10 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
10 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"
11 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' shared their blog post on Facebook
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ravi Shukla जी"
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ashok Kumar Raktale जी"
May 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service