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नव वर्ष शुभ हो --- डॉ o विजय शंकर

खुशियाँ, हम हर किसी से बाँट लेते हैं,
खुश भी हो लेते हैं।
गम किस से बांटे , सोंच नहीं पाते हैं ,
खुद ही सह लेते हैं।
फिर भी कुछ तो अपने ऐसे होते ही हैं ,
जो हमारे ग़मों को बाँट लेते हैं।
वो कुछ बहुत ख़ास अपने ही होते हैं।
जो दुःख में साथ होते हैं।
कितने ऐसे हैं जो दुखों को हमारे पास
आने नहीं देते हैं।
रास्ते में रोक लेते हैं,
खुद पे ले लेते हैं।
हम उन्हें जानते नहीं ,
पहचानते भी नहीं ,
वे सामने कभी आते नहीं,
नव वर्ष उन्हें भी मंगलमय हो ,
और हमारे हर अपने को भी हो ,
मंगलमय हो, शुभ हो, शुभ हो, शुभ हो।

मौलिक एवं अप्रकाशित
डॉo विजय शंकर

Views: 620

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Comment by Dr. Vijai Shanker on January 1, 2015 at 7:21pm
नव वर्ष की शुभ कामनाओं के साथ आदरणीय खुर्शीद खैरादी जी, बहुत बहुत धन्यवाद, सादर।
Comment by khursheed khairadi on January 1, 2015 at 2:09pm

हम उन्हें जानते नहीं ,
पहचानते भी नहीं ,
वे सामने कभी आते नहीं,
नव वर्ष उन्हें भी मंगलमय हो ,
और हमारे हर अपने को भी हो ,
मंगलमय हो, शुभ हो, शुभ हो, शुभ हो।

आदरणीय विजयशंकर जी ,सुन्दर रचना हुई है |'सर्वे भवन्तु सुखिनः ' का सनातन चिंतन मुखर हो रहा है |सादर अभिनन्दन 

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 1, 2015 at 1:20pm
आदरणीय डॉ० गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी , आपको नव वर्ष की बहुत बहुत शुभ कामनाएं, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on January 1, 2015 at 1:18pm
बहुत बहुत धन्यवाद , आदरणीय लक्षमण प्रसाद लडीवाला जी, नव वर्ष की ढेरों शुभ कामनाएं।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 1, 2015 at 12:55pm

विजय सर

नव वर्ष आपको भी मंगलमय हो i

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 1, 2015 at 10:40am

सभी के लिए नव वर्ष की मंगल  कामनाएं करने के लिए हार्दिक बधाई डॉ  विजय शंकर जी | आपको भी नव वर्ष के ढेरों बधाई 

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