For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

22  22  22  22  

गाता जाए एक दिवाना

दुनिया यारो पागलखाना

परदेश बनाया घर लेकिन

घर मे कम है एक सयाना

इससे आगे सोच ना पाऊं

बीबी बच्चे और ठिकाना

केक खिलाया साल बढ़ाए

भूल गया पर उम्र घटाना

एक शिगूफा छोड़ेगा फिर

अबके राजा भौत सयाना

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 642

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 21, 2018 at 12:14am

शुक्रिया एक नई जानकारी के लिए,,,,,,

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on June 20, 2018 at 11:00am

न (फ़ारसी शब्द ) नून और हे से बना है जिसमें मात्रा गिनते वक़्त हे गिर जाता है और मात्रा 1 रह जाती है | ना (हिंदी शब्द) जिसकी मात्रा 2 होती है ,

न और ना मतलब एक जैसा है |

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on June 19, 2018 at 10:28pm

गुमनाम साहिब, न की मात्रा 1 और ना की 2 होती है |

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 19, 2018 at 9:23pm

तस्दीक अहमद साहब शुक्रिया आपने ग़ज़ल पर अपनी राय दी ,,,,, न हो या ना मात्रा 1 ही रहती है।।।।। शायद मैं ठीक हूँ ।।।।।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on June 19, 2018 at 6:59pm

जनाब गुमनाम साहिब , ग़ज़ल की अच्छी कोशिश, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं | जनाब समर साहिब के मशवरे पर ग़ौर कीजियेगा | शेर 3 के ऊला मिसरे में एब _तना फुर है (इस _से) इसकी जगह इसके कर सकते हैं | न को ना करने पर मात्रा बढ़ जाएगी |

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 19, 2018 at 6:42pm

शुक्रिया रक्षिता जी आपको ग़ज़ल अच्छी लगी।।।।।।।

Comment by रक्षिता सिंह on June 19, 2018 at 7:52am

आदरणीय गुमनाम जी नमस्कार, सुन्दर पंक्तियाँ हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 18, 2018 at 11:07am

शुक्रिया दोस्तो ....आपके सुझाव का धन्यवाद.... न और ना एक है इसीलिए .....ना ही कहा।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 17, 2018 at 10:17pm

बहुत खूब...

Comment by Samar kabeer on June 17, 2018 at 11:39am

जनाब गुमनाम जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'परदेश बनाया घर लेकिन'

ये मिसरा मात्रा के हिसाब से ठीक है,लेकिन लय में नहीं है,इसे यूँ कर सकते हैं:-

'घर परदेस बनाया लेकिन'

तीसरे शैर के ऊला मिसरे में 'ना' को "न" कर लें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
17 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
45 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
11 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service