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मुश्क़िलों में दिल के भी रिश्ते - सलीम रज़ा

2122 2122 2122 212

.

मुश्किलों में दिल के भी रिश्ते पुराने हो गए
ग़ैर से क्या  हो गिला अपने  बेगाने हो गए
-
चंद दिन के फ़ासले के बा'द हम जब भी मिले

यूँ लगा जैसे  मिले  हमको ज़माने  हो गए
-
पतझड़ों  के साथ मेरे दिन गुज़रते थे कभी
आप के आने से मेरे  दिन  सुहाने हो  गए
-
मुस्कराहट उनकी  कैसे भूल पाएगें  कभी
इक नज़र देखा जिन्हें औ हम दिवाने हो गए
-
आँख में शर्म-ओ-हया, पाबंदियाँ, रुस्वाईयां

उनके न  आने  के  ये अच्छे बहाने हो गए
-
आज भी उनकी अदाओं में वही है शोखियाँ 
आज फिर उनकी गली में आने जाने हो गए   
-
अब भी है रग रग में क़ायम प्यार की ख़ुश्बू रज़ा
क्या हुआ जो  ज़िस्म  के   कपड़े पुराने हो  गए

मौलिक व अप्रकाशित 

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Comment

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Comment by SALIM RAZA REWA on January 3, 2018 at 6:10pm
आदरणीय अजय तिवारी जी,
आपकी नवाज़िश के लिए शुक़गुज़ार हूँ.
Comment by Afroz 'sahr' on January 3, 2018 at 4:24pm
जवाब सलीम रजा़ साहिब उम्दा कलाम मुबारकबाद कु़बूल करें।मतले के सानी मिसरे में काफ़िया "बेगाने" की मात्रा गिर रही है क्या ये अरूज़ सम्मत है।दूसरे शे'र में "चंद दिन" एब ए तनाफ़ुर है।6टे शेर में "अदायों" को अदाओं करलें।मक्ते में "जब भी" तनाफ़ुर ए ख़फ़ी है जो कि चलता है।,,,,
Comment by Ajay Tiwari on January 3, 2018 at 3:55pm

आदरणीय सलीम  साहब, खूबसूरत अशआर हुए हैं. मक्ता ख़ास तौर से अच्छा लगा. हार्दिक बधाई.   

Comment by SALIM RAZA REWA on January 3, 2018 at 3:48pm
जनाब तस्दीक़ साहब,
आपकी ग़ज़ल पर शिर्कत और आपकी मशविरे के लिए बेहद ममनून हूँ....
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on January 3, 2018 at 2:30pm

जनाब सलीम रज़ा साहिब , उम्दा ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ।

शेर 5 के सानी मिसरे में न को "ना" कर लीजिए और उला मिसरे में पवंदियाँ को पाबंदियां और रुसवाईयाँ को रुस्वाइयाँ कर लें ।

Comment by SALIM RAZA REWA on January 3, 2018 at 2:24pm
मोहित जी आपका बहुत धन्यवाद.
Comment by SALIM RAZA REWA on January 3, 2018 at 2:22pm
जनाब आरिफ साहब.
आपकी ग़ज़ल पर शिर्कत और आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया
Comment by Mohammed Arif on January 3, 2018 at 11:36am

आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब,

                        बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल । हर शे'र माकूल । ख़ासतौर से मक्ता अच्छा लगा । दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।

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