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आप अंदाज रखें हँसने हँसाने वाला (ग़ज़ल)

अरकान- फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन

आप अंदाज़ रखें हँसने हँसाने वाला

यही किरदार तो है साथ में जाने वाला।1।

आज क्या बात है, नफ़रत से मुझे देखता है

मेरी तस्वीर को सीने से लगाने वाला।2।

काटने वाले तो हर सिम्त नज़र आते हैं

पर न दिखता है कोई पेड़ लगाने वाला।3।

आख़िरी बार उसे देख ले तू जी भर के

फिर न आएगा कभी लौट के, जाने वाला।4।

आबरू की भी लगा देती है क़ीमत दुनिया

गर चला जाये किसी घर का कमाने वाला।5।

दाग़ दामन पे कभी लग न सकेगा तेरे

साथ हो गर कोई आईना दिखाने वाला।6।

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by नाथ सोनांचली on December 20, 2017 at 1:26pm

आद0 सलीम रज़ा साहब सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई का हृदय तल सेसे आभार। सादर

Comment by नाथ सोनांचली on December 20, 2017 at 1:25pm

आद0 अजय कुमार शर्मा जी ग़ज़ल में गहराई से सुखनवाजी का शुक्रिया। सादर

Comment by नाथ सोनांचली on December 20, 2017 at 1:24pm

आद0 सतविंदर भाई जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई का हृदय तल से आभार।

Comment by SALIM RAZA REWA on December 20, 2017 at 12:25pm
क्या कहने सुरेंद्र जी,
हर शेर दिल को छू गए मुबारक़बाद
Comment by Ajay Kumar Sharma on December 19, 2017 at 11:06pm

बहुत सुन्दर गजल..

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on December 19, 2017 at 8:48pm

आ सुरेन्द्र भाई जी हर शैर उम्दा,दाद के साथ मुबारकबाद कबूल फरमाएं

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