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Ajay Kumar Sharma
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KALPANA BHATT commented on Ajay Kumar Sharma's blog post तिरंगे की खातिर
"इस गीत के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय अजय जी |"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Ajay Kumar Sharma's blog post तिरंगे की खातिर
"आदरणीय अजय जी आदाब, तिरंगे और आज़ादी की गरिमा को रेखांकित करता अच्छा गीत ।हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Samar kabeer commented on Ajay Kumar Sharma's blog post तिरंगे की खातिर
"जनाब अजय शर्मा'अज्ञात' जी आदाब,गीत का प्रयास अच्छा हुआ है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । इस गीत में आपने कितनी मात्राएँ ली हैं ?"
yesterday
Ajay Kumar Sharma posted a blog post

तिरंगे की खातिर

तिरंगे की खातिर....इस शुभ दिन पर मैं गाता हूँ,एक गान तिरंगे की खातिर,हर एक युवा के दिल में है,सम्मान तिरंगे की खातिर,उस माटी पर श्रद्धा अगाध,उस माटी का यशगान सदा,अनगिनत वीर हो गये जहाँ,कुर्बान तिरंगे की खातिर.हम जहर हलाहल पी सकते,हम तिल तिल कर मर सकते हैं,सह सकते हैं सारे हम,अपमान तिरंगे की खातिर.कुछ पाने की चाहत भी नहीं,गर मिले बादशाहत भी नहीं,कदमों के नीचे रखते हैं,अरमान तिरंगे की खातिर,हम वीर शहीदों के वंशज,भारत माँ की औलाद हैं हम,हम हैं कठोर चट्टानों से,हम फूल नहीं, फौलाद हैं हम,भारत के…See More
Monday
Mahendra Kumar commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"आ. अजय जी, ग़ज़ल कहने का अच्छा प्रयास हुआ है. हार्दिक बधाई स्वीकार करें. गुणीजनों की बातों का पालन करें, निस्संदेह लाभ होगा. शुभकामनाएँ. सादर."
Jul 12
Ravi Shukla commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"आदरणीय अजय कुमार शर्मा जी गजल के रूप में आपने जो कहने का प्रयास किया है उसका स्वागत है बहुत बहुत बधाई इसके लिए काफिया रदीफ़ आदि के बारे में जानकारी लीजिये मंच पर काफी सामग्री उपलब्ध है एक बार फिर से मुबारकबाद हाजिर है"
Jul 9
Ajay Kumar Sharma commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"आप सभी विद्वानों का कोटिश: धन्यवाद . पूरा प्रयास करूँगा ."
Jul 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"अजय जी भाव के लिए बधाई, समर साहब की बातों पर गौर कीजियेगा"
Jul 8
Samar kabeer commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"जनाब अजय शर्मा अज्ञात जी आदाब,ग़ज़ल कहने का प्रयास अच्छा हुआ है,लेकिन अभी आपको बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है,बह्र के अलावा शिल्प,क़ाफ़िया रदीफ़ के बारे में मंच पर कई आलेख हैं,उनका अध्यन करें । आपने मतले के दोनों मिसरों में एक ही क़ाफ़िया ले लिया,ये ग़ज़ल में…"
Jul 7
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Jul 7
laxman dhami commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,
"भाई अजय जी रचना के भाव अच्छे हैं । हारदिक बधाई स्वीकारें ।"
Jul 6
रामबली गुप्ता commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष
"आद0 अजय कुमार जी योग विषय को लेकर अच्छा प्रयास हुआ है। बधाई स्वीकार करें। शिल्प और प्रवाह के दृष्टिकोण से अभी आपको काफी प्रयास करना होगा साथ शब्दकलों को भी साधने का प्रयास करें। शुभेक्षाएँ"
Jul 6
Ajay Kumar Sharma posted a blog post

'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,

जरा सा सोंचकर देखा तो मुझको याद कर आया,'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,सजी यारों की महफिल थी बड़ा बेखौफ बचपन था,बड़ी मजबूरियों ने रास्तों पर जाल बिछवाया,ज़माने को समझने की बड़ी पुरजोर कोशिश की,ज़माने की नसीहत ने ही मुझको और भरमाया,जिन्हें अपना समझ बैठे थे सारी भूलकर शर्तें,उन्हीं के कारनामों ने ही मुझको और तड़पाया,सिवा तेरे जहाँ में और कोई है नहीं मेरा,मेरे मौला , मेरे मौला तू मेरी रूह में छाया,अजय शर्मा अज्ञातमौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Jul 6
Samar kabeer commented on Ajay Kumar Sharma's blog post 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष
"जनाब अजय कुमार शर्मा जी आदाब,योग दिवस पर बहुत अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 30
Ajay Kumar Sharma posted a blog post

21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष

21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष..... प्रतिदिन योग करे जो कोई, वो रोगों से दूर रहे, तन मन में स्फूर्ती आये , चेहरे पेे चमकता नूर रहे, जो सुबह सुबह भस्त्रिका करे, और शुद्ध वायु तन मन में भरे, जो करे नित्य प्रति शशकासन, उत्साह से वो भरपूर रहे, अनुलोम विलोम , कपालभाति, सुखमय जीवन की थाती है, ना उदर रोग ना तन मन में, कोई पीड़ा रह पाती है, रह खाली पेट करें योगा , बस इतना ध्यान जरूर रहे. हो नाम देश का ऊँचा तब, हम करें रोज ही योगा जब, अग्रणी योग में भी हैं हम, सब कहें योग में ही है दम, भारत हो…See More
Jun 29
Ajay Kumar Sharma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post तम से लड़ी है जिंदगी
"Raktale Saab vakai behtareen ghajal . badhai ho"
Jul 12, 2016

Profile Information

Gender
Male
City State
kaushambi
Native Place
kaushambi
Profession
defence
About me
positive thinker

मैंने भी कुछ सोंचा ---

मौन रहकर साज भी,

हैं ध्वनित होते नहीं,

कुछ बोलने दे आज,

मन की बात कहने दे मुझे।

है नहीं ख्वाहिश कि,

सुन्दर सा सरोवर मैं बनूँ

धार हूँ नदिया की मैं,

मत रोक बहने दे मुझे।

हर एक पल भी खुशनुमा,

होता नहीं तकदीर में,

हौसलों के साथ में,

कुछ गम भी सहने दे मुझे।

"अज्ञात" का आधार प्रभु,

अज्ञात का है हमसफ़र,

मत छोड़ मेरा हाथ,

अपने साथ रहने दे मुझे।

चाह इतनी भी नहीं,

सब लोग पहचाने मुझे,

अज्ञात था, अज्ञात हूँ,

अज्ञात रहने दे मुझे।।

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At 2:23am on October 2, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।

Ajay Kumar Sharma's Blog

तिरंगे की खातिर

तिरंगे की खातिर....



इस शुभ दिन पर मैं गाता हूँ,

एक गान तिरंगे की खातिर,

हर एक युवा के दिल में है,

सम्मान तिरंगे की खातिर,

उस माटी पर श्रद्धा अगाध,

उस माटी का यशगान सदा,

अनगिनत वीर हो गये जहाँ,

कुर्बान तिरंगे की खातिर.

हम जहर हलाहल पी सकते,

हम तिल तिल कर मर सकते हैं,

सह सकते हैं सारे हम,

अपमान तिरंगे की खातिर.

कुछ पाने की चाहत भी नहीं,

गर मिले बादशाहत भी नहीं,

कदमों के नीचे रखते हैं,

अरमान तिरंगे की… Continue

Posted on August 13, 2017 at 10:29am — 3 Comments

'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,

जरा सा सोंचकर देखा तो मुझको याद कर आया,

'अजय' बीते जमाने में कहीं कुछ छोड़कर आया,



सजी यारों की महफिल थी बड़ा बेखौफ बचपन था,

बड़ी मजबूरियों ने रास्तों पर जाल बिछवाया,



ज़माने को समझने की बड़ी पुरजोर कोशिश की,

ज़माने की नसीहत ने ही मुझको और भरमाया,



जिन्हें अपना समझ बैठे थे सारी भूलकर शर्तें,

उन्हीं के कारनामों ने ही मुझको और तड़पाया,



सिवा तेरे जहाँ में और कोई है नहीं मेरा,

मेरे मौला , मेरे मौला तू मेरी रूह में… Continue

Posted on July 5, 2017 at 11:57pm — 6 Comments

21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष

21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष.....



प्रतिदिन योग करे जो कोई,

वो रोगों से दूर रहे,

तन मन में स्फूर्ती आये ,

चेहरे पेे चमकता नूर रहे,

जो सुबह सुबह भस्त्रिका करे,

और शुद्ध वायु तन मन में भरे,

जो करे नित्य प्रति शशकासन,

उत्साह से वो भरपूर रहे,

अनुलोम विलोम , कपालभाति,

सुखमय जीवन की थाती है,

ना उदर रोग ना तन मन में,

कोई पीड़ा रह पाती है,

रह खाली पेट करें योगा ,

बस इतना ध्यान जरूर रहे.

हो नाम देश का ऊँचा…

Continue

Posted on June 28, 2017 at 9:30pm — 2 Comments

मरना भी हो देश पे मरना। "अज्ञात "

राम कृष्ण की जन्मभूमि,                       

है कर्म-स्थली वीरों की,                           

भारत की पावन माटी सी,                      

होगी कहीं जमीन कहाँ ।      

                 

यूँ  तो रंग अनेकों होंगे,                            

दुनिया में सब देशों के,                                            

मगर तिरंगे के रंग जैसा,                      

होगा भी रंग तीन कहाँ।

                     

शिरोधार्य कर माँ की…

Continue

Posted on December 6, 2015 at 1:36pm — 3 Comments

 
 
 

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