For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मै लिख दूंगा कोई गा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

अधरोँ पर शब्द मेरे होंगे

जिह्वा पर शब्द मेरे होंगे,

कण्ठो के उच्छवासोँ मे भी,

श्रवणोँ मे शब्द मेरे होंगे।

संगीत मे कोई सजा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै लिख...............

स्पन्दन मे; अजवन्दन मे,

परिहास और अभिनन्दन मे;

उत्साह और अभिलाषा मे,

करुणा मे निर्जन कानन मे।

शब्दो कि वायु बहा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै लिख................

प्रस्थान और आवाह्न मे,

श्रंगारकाल के दर्पण मे।

परिणय बेला चलचित्रो मे,

षडऋतुओ मे वन उपवन मे।

गुंजार से श्ब्द जगा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै लिख..............

....................................................

  ' मौलिक एव अप्रकाशित ' 

Views: 146

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on September 14, 2017 at 5:32pm

अच्छी रचना हुई है आगे सुधि जनों की बातों पर गौर करें | हार्दिक शुभकामनायें |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 13, 2017 at 9:45pm

आदरणीय अरुणेश भाई , इस प्रस्तुति के लिये आपको हार्दिक बधाई ।

Comment by ARUNESH KUMAR 'Arun' on September 12, 2017 at 8:20pm

सभी का बहुत-बहुत आभार, आदरणीय इसी प्रकार मेरा मनोबल बढ़ाते रहें| 

Comment by Mohammed Arif on September 12, 2017 at 2:30pm
आदरणीय अरुणेश जी आदाब, अच्छी प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।
Comment by Mahendra Kumar on September 11, 2017 at 9:14pm

आ. अरुण जी, अच्छी प्रस्तुति है. पर यदि आप इसमें कुछ ऐसा ख़याल व्यक्त करते कि मैंने लिख तो दिया है पर अगर तू गा देगा तो मेरा गीत अमर हो जाएगा, तो यह और भी अच्छी प्रस्तुति हो जाती. मेरी तरफ़ से हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर.

Comment by Samar kabeer on September 11, 2017 at 7:19pm
जनाब अरुणेश कुमार'अरुण'जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।
कुछ टंकण त्रुटियां हैं,देखियेगा ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post पहल - लघुकथा -
" आदरणीय तेजवीर सिंह जी, अच्छी संदेशपरक लघुकथा की प्रस्तुति पैर हार्दिक बधाई स्वीकार…"
2 hours ago
क़मर जौनपुरी posted blog posts
3 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted a discussion

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या- माह अक्टूबर,  2018- एक प्रतिवेदन  -डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

21 अक्टूबर 2018, दिन रविवार को लोकप्रिय कथाकार डॉ. अशोक शर्मा के आवास, 81 विनायकपुरम, विकासनगर.…See More
3 hours ago
Samar kabeer commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post होश की मैं पैमाइश हूँ:........ग़ज़ल, पंकज मिश्र..........इस्लाह की विनती के साथ
"अज़ीज़म पंकज कुमार मिश्रा आदाब, सबसे पहले आपकी ग़ज़ल के क़वाफ़ी के अर्थ देखते हैं…"
4 hours ago
राज़ नवादवी commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"अनुभूतियाँ उक्केरती हैं जो आपकी क्षणिकाएँ, खुले नभ में जैसे चमकें हैं रात को मणिकाएं ! बहुत सुन्दर…"
5 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

11212 11212. 11212. 11212हुई तीरगी की सियासतें उसे बारहा यूँ निहार कर ।कोई ले गया मेरा चाँद है मेरे…See More
6 hours ago
राज़ नवादवी posted blog posts
7 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted blog posts
7 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post एक ग़ज़ल - शिज्जु शकूर
"जीने की चाह में हुआ बंजारा आदमी बस घूमता दिखे है मक़ामात से अलग। उम्दा शेर के साथ अच्छी ग़ज़ल।…"
8 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on Sushil Sarna's blog post 3 क्षणिकाएँ....
"बेहतरीन रचना।"
8 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
9 hours ago
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"बहुत बहुत शुक्रिया जनाब डॉ छोटेलाल सिंह साहब। खुशी हुई आपसे मिलकर।"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service