For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

छंद – विजया घनाक्षरी(मापनीमुक्त वर्णिक)

छंद – विजया घनाक्षरी(मापनीमुक्त वर्णिक) 
विधान 32 वर्णों के चार समतुकांत चरण, 16 16 वर्णों यति अनिवार्य
8,8,8,8 पर यति उत्तम अंत में ललल अर्थात लघु लघु लघु या नगण अनिवार्य ।

 

सूखे कूप हैं इधर ,गंदे स्रोत हैं उधर,प्यासे वक़्त के अधर,मीठा नीर है किधर|

मैली गंग है उधर,देखें नेत्र ये जिधर,रोयें धरा ये अधर,जाए शीघ्र ये सुधर|

कोई भाव है न रस,कैसे शुष्क हैं उरस,वाणी नहीं है सरस,शोले रहे हैं बरस|   

बातों बात ये बरस,इर्ष्या रहे हैं परस,आँखें गईं हैं तरस, पाऊँ राम के दरस|

 

घाटी ढूँढती चमन,भौरें ढूँढते सुमन,पाखी ढूँढते रमन, साँसें दर्द का गमन|

पूछे ये उदास मन,होते आज क्यूँ दमन, सीमा माँगती अमन,वीरों आपको नमन|

साँची सोच व कहन,ऊँचा श्रेष्ठ हो रहन,नेकी शुद्धता पहन, इच्छा करो ये वहन|

भाई, मित्र, हे बहन, ईर्ष्या द्वेष ये गहन, पूरे करो तो दहन, होंते नहीं ये सहन|. 

------मौलिक एवं अप्रकाशित    

Views: 59

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 8, 2017 at 1:01pm

आद० समर भाई जी आपका  बहुत- बहुत शुक्रिया| 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 8, 2017 at 1:00pm

आद० मोहम्मद आरिफ जी आपको ये घनाक्षरी पसंद आई मेरा लिखा सार्थक हुआ |आपका बहुत बहुत आभार |

जैसा की आपने कहा है ये दो घनाक्षरी हैं दोनों के भाव अलग अलग है पहली घनाक्षरी --स्वभाव की  प्रवृत्ति  पर है चाहे वो प्रकृति की हो या मानव की 

दूसरा भाव  -- सुख शान्ति  प्राप्ति की खोज --चाहे वो इंसान  हो  या  कोई भी 

Comment by Samar kabeer on August 2, 2017 at 3:42pm
बहना राजेश कुमारी जी आदाब,बहुत उम्दा छन्द रचे हैं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Mohammed Arif on August 2, 2017 at 2:50pm
आदरणीया राजेश कुमारी जी आदाब , विजया घनाक्षरी छंद से परिजय हुआ । छंद की जानकारी में इजाफा हुआ । सबसे पहले इसके लिए आपको धन्यवाद । आपके इस छंद में केवल शब्दों का काव्य चमत्कार ज़ियादा नज़र आया । भाव भूमि भी अलग-अलग दिखाई दे रही है । किसी प्रभावशाली विषय को लेकर ये छंद नहीं है ।अलबत्ता आख़िर-आखिर में थोड़ा देश भक्ति का पुट नज़र आया । इस प्रयास के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जिन्हें आदत पड़ी हर बात में आँसू बहाने क़ई (ग़ज़ल)
"आद0 भाई नीलेश जी सादर अभिवादन, आपकी लगातार प्रोत्साहन से मुझे लिखने की प्रेरणा मिलती है। बधाई के…"
3 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Samar kabeer's blog post 'ग़ालिब'की ज़मीन में एक ग़ज़ल
"जनाब समर साहब, ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारक़बाद बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल हुई है."
6 minutes ago
जयनित कुमार मेहता commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुब्हे किरण के साथ नई रौशनी मिले, - सलीम रज़ा रीवा :ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल के लिए दिली मुबारक़बाद आपको जनाब सलीम रज़ा साहब! इस ग़ज़ल को लेकर कुछ सवाल और बातें हैं…"
7 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Mahendra Kumar's blog post मृत्यु : पूर्व और पश्चात्
"आ. ख़ूबसूरत रचना के लिए बधाई."
8 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--लूट
"जनाब आरिफ साहब,...... ये हुई न बात वह वाह बहुत खूबसूरत लघु कथा के लिए बहुत बहुत मुबारक़बाद"
9 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुब्हे किरण के साथ नई रौशनी मिले, - सलीम रज़ा रीवा :ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई आ. सलीम साहब..सुब्हे -किरण ..पर संशय है ..देखिएगा सादर "
13 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post भरोसा क्या ?
"आ. ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई"
14 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - यूँ ही गाल बजाते रहिये
"आ. अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारक़बाद."
14 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(बाअदब सब....)
"आ. मनन कुमार जी ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारक़बाद"
15 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar commented on जयति जैन (नूतन)'s blog post कविता: जो खुद को सेक्युलर नहीं मानते उनके लिए
"आ. जयती जी,रचना के शिल्प आदि पर मैं टिप्पणी करने में असमर्थ हूँ लेकिन इस  विषय को चुनने और…"
15 minutes ago
जयनित कुमार मेहता commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जिन्हें आदत पड़ी हर बात में आँसू बहाने क़ई (ग़ज़ल)
"अच्छी ग़ज़ल हुई है आदरणीय सुरेंद्र नाथ जी। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
16 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (सबसे छोटा क़ाफ़िया और सबसे लंबी रदीफ़ )
"वह वाह.. जनाब तस्दीक साहब, ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारक़बाद."
17 minutes ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service