For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदमी (अतुकान्त कविता)

गौर से देखो...
यह खाता है
पीता है
चलता है
फिरता है
उठता है
गिरता है
हँसता है
रोता है
देखता है
सुनता है
बोलता है
सोचता है
इसके पास
हाथ है
पैर है
दिल है
जिगर है
गुर्दा है
आँख है
नाक है
कान है
जीभ है
त्वचा है
और साथ ही
वह सब है
जो होना चाहिए
मगर फिर भी
यह आदमी नहीं है
क्योंकि
आदमी वह है
जो दो मुँहा हो!

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 124

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mahendra Kumar on December 25, 2016 at 7:55am
हार्दिक आभार आदरणीय गिरिराज सर। सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 21, 2016 at 4:59pm

आ. महेन्द्र भाई , आदमीयत पर अच्छा व्यंग्य कविता रची , हार्दिक बधाइयाँ ।

Comment by Mahendra Kumar on December 21, 2016 at 12:46pm
आदरणीय मिथिलेश सर, रचना का मान बढ़ाने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार। सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 20, 2016 at 11:51pm

आदरणीय महेंद्र कुमार जी, बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति. व्यंग्य भी प्रभावकारी है. इस प्रस्तुति पर बधाई. 

//वह सब है
जो होना चाहिए
मगर फिर भी
यह आदमी नहीं है
क्योंकि
आदमी वह है
जो दो मुँहा हो!//

Comment by Mahendra Kumar on December 20, 2016 at 6:19pm
हार्दिक आभार आदरणीय सुरेन्द्र जी। सादर।
Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on December 20, 2016 at 3:17pm
आद0 महेन्द्र जी अच्छी बातो से युक्त सटीक कविता है आपकी। हार्दिक बधाई निवेदित हैं
Comment by Mahendra Kumar on December 19, 2016 at 1:56pm
आदरणीय समर कबीर सर, सादर आदाब। कविता आपको अच्छी लगी लिखना सार्थक रहा। बहुत-बहुत शुक्रिया। सादर।
Comment by Samar kabeer on December 18, 2016 at 5:00pm
जनाब महेन्द्र कुमार जी आदाब,बहुत वैचारिक कविता लिखी आपने,अंत में "क्योंकि आदमी वो है जो दो मुंहा हो"अच्छा व्यंग है, इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
"आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी दिल से शुक्रिया आपका "
30 minutes ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
" आदरणीय Sushil Sarna  जी दिल से शुक्रिया आपका "
30 minutes ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
" आदरणीय Naval Kishor Soni जी दिल से शुक्रिया आपका "
30 minutes ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post जीवन के दोहे :
"लाजवाब दोहे"
34 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post आल्हा
"सुंदर भाव से संजोयी रचना पर बधाई स्वीकारें आदरणीय, सादर"
48 minutes ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अबतक तो बस तन्हा हूँ - गजल ( लक्ष्मण धामी मुसाफिर)
"जनाब अजय तिवारी साहिब विस्तार से बता चुके हैं,मिसरा बदलने का प्रयास करें ।"
1 hour ago
pratibha pande commented on विनय कुमार's blog post नींव की ईंट--लघुकथा
"बहुत गहन बात सहज ढंग से कह दी आपने ।हार्दिक बधाई आदरणीय विनय जी। विवरण थोड़ा कम होता तब भी प्रभाव मे…"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अबतक तो बस तन्हा हूँ - गजल ( लक्ष्मण धामी मुसाफिर)
"आदरणीय लक्ष्मण जी, नासिर काज़मी की ज़मीन में ख़ूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई. 'अनमोल भले…"
2 hours ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अबतक तो बस तन्हा हूँ - गजल ( लक्ष्मण धामी मुसाफिर)
"आदरणीय लक्ष्मण जी, नासिर काज़मी की ज़मीन में ख़ूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई. 'अनमोल भले…"
2 hours ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अबतक तो बस तन्हा हूँ - गजल ( लक्ष्मण धामी मुसाफिर)
"आदरणीय लक्ष्मण जी, नासिर काज़मी की ज़मीन में ख़ूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई. 'अनमोल भले…"
2 hours ago
Ajay Tiwari commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (तोड़ते भी नहीं यारी को निभाते भी नहीं)
"आदरणीय तस्दीक साहब, खुबसूरत ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई. "
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

'सैलाब में प्रत्याशी, मतदाता या किसान!' (लघुकथा)

"कौन? ... कौन डूब रहा है इस सैलाब में इतने रेस्क्यू ऑपरेशंस के बावजूद?" "आम आदमी साहिब! आम मतदाता…See More
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service