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अम्मा आयी है......

नाती नातिन से मिलने को अम्मा आयी है|
बड़े दिनों के बाद मेरे घर अम्मा आयी है||

बच्चों से छुप छुप कर सुरती पान चबाती है|
पान का डिब्बा और तम्बाखू अम्मा लायी है||

मेरे घर का पानी भी मुश्किल से पीती है|
एक कनस्तर लड्डू मट्ठी अम्मा लायी है||

दिखे जमाई घर के अन्दर झट छुप जाती है|
शर्मो हया का संग पिटारा अम्मा लायी है||

इस दुनिया की है या फिर उस दुनिया की है|
भर कर देसी घी के पीपे अम्मा लायी है||

मुझे बिठा कर बिस्तर में खुद, ‘‘मैं’’ बन जाती हैं|
चार नौकरों जैसी ताकत अम्मा लायी है||

ऐसी अम्मा सबको देना मेरी इच्छा है|
प्रभु भजन की ढेर किताबें अम्मा लायी है||

.............................................................................................आभा

....अप्रकाशित एवं मौलिक 

.

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Comment by Abha saxena Doonwi on November 1, 2016 at 4:41pm

आदरणीय सुचिसंदीप अग्रवाल जी ..आपके इस स्नेह की मैं दिल से आभारी हूँ .बहुत बहुत शुक्रिया आपका 

Comment by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" on October 28, 2016 at 10:04am
बहुत खूबसूरत। लाजवाब
Comment by Abha saxena Doonwi on October 26, 2016 at 3:21pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी नमस्कार , आपके स्नेह के लिए मैं बहुत ही आभारी हूँ रचना आपको पसंद आयी मुझे अच्छा लगा ...

Comment by Abha saxena Doonwi on October 26, 2016 at 3:18pm

"आदरणीय राम बलि गुप्ता जी  जी-मेरी अकिंचन सी रचना पर आपकी सराहना का बहुत आभार, सादर अभिनन्दन ...आभार आपका 

Comment by Abha saxena Doonwi on October 26, 2016 at 3:16pm

आदरणीय सुनील प्रसाद (शाहाबादी ) जी-मेरी अकिंचन सी रचना पर आपकी सराहना का बहुत आभार, सादर वंदन।"

Comment by Abha saxena Doonwi on October 26, 2016 at 3:15pm

आदरणीय sheikh shahzaad usmaani साहब जी  मेरी  रचना आपको पसंद आयी यह मेरे लिए गर्व की बात है शुक्रिया आपका ..आभार 

Comment by Abha saxena Doonwi on October 26, 2016 at 3:12pm

आदरणीय समर कबीर जी नमस्कार, आपने मेरी रचना को पढ़ा पहले तो ये ही  बहुत बड़ी बात है मेरे लिए ..उस पर आपने सराहा यह उससे भी बड़ी बात है ...बहुत बहुत शुक्रिया आपका 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 26, 2016 at 9:37am

आदरणीया आभा जी , अम्मा पर बहुत अच्छी द्वीपदियों की रचना हुई है , हार्दिक बधाइयाँ ।

Comment by Shyam Narain Verma on October 25, 2016 at 4:01pm
इस भावपूर्ण कविता के लिए हार्दिक बधाई
Comment by रामबली गुप्ता on October 25, 2016 at 12:46pm
वाह बहुत अचछी कविता है आदरणीया। बधाई लीजिये।

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