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Abha saxena
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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)
"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी नमस्कार ,मैं आपकी सलाह पर अवश्य ध्यान दूँगी शुक्रिया आपका ..."
Nov 10, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)
"आदरणीय समर कबीर जी नमस्कार ,मैं आपकी सलाह पर अवश्य ध्यान दूँगी शुक्रिया आपका ..."
Nov 10, 2016

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Abha saxena's blog post हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)
"आदरनीया आभा जी , अच्छी गज़ल हुई है , द्ल से बधाइयाँ स्वीकार करें । आदरनीय समर भाई की बातों पर गौर करियेगा ।"
Nov 10, 2016
Samar kabeer commented on Abha saxena's blog post हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)
"मोहतरमा आभा सक्सेना जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें । चौथे और पांचवे शैर में शुतरगुरबा का दोष आगया है,देखिएगा ।"
Nov 9, 2016

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Abha saxena posted a blog post

हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)

२१२२ ११२२ २२खुशनुमा ख्वाब सजा कर देखो,रात में चाँद बुला कर देखो. नींद आँखों में कहाँ है यारो,सारे ग़म अपने भुला कर देखो. नफरतें कर रहे हो क्यूँ मुझ से,हाथ में हाथ मिला कर देखो. तिश्नगी लव पे क्यूँ  तेरे छाई,जाम हाथों से पिला कर देखो. आज गर्दिश में है तेरी  ‘आभा’,उस के ग़म दूर भगा कर देखो  ....आभा अप्रकाशित एवं मौलिक See More
Nov 8, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post दिए कुछ आस के ...
"आदरणीय samar कबीर जी नमस्कार ,मुझे आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा थी ,,आपने मेरी कविता पढी और सराहा आपका ह्रदय तल से अभिनन्दन है बहुत बहुत शुक्रिया आपका ..."
Nov 2, 2016
Samar kabeer commented on Abha saxena's blog post दिए कुछ आस के ...
"मोहतरमा आभा सक्सेना जी आदाब,बहुत जज़्बाती कविता हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 2, 2016

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Abha saxena posted blog posts
Nov 1, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"आदरणीय राम बली गुप्ता जी आपने मेरी रचना पढ़ी ,सराहा मुझे अच्छा लगा ..आपकी मैं दिल से शुक्रगुजार हूँ ..."
Nov 1, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"आदरणीय samar Kabeer साहब जी आपने मेरी रचना पढ़ी ,सराहा मुझे अच्छा लगा ..आपकी मैं दिल से शुक्रगुजार हूँ ..."
Nov 1, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"आदरणीय sheikh Shahzad भाई आपने  मेरी रचना को  पसंद किया मैं ह्रदय से आभारी  हूँ ..शुक्रिया आपका ...."
Nov 1, 2016

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Abha saxena commented on Abha saxena's blog post अम्मा आयी है
"आदरणीय सुचिसंदीप अग्रवाल जी ..आपके इस स्नेह की मैं दिल से आभारी हूँ .बहुत बहुत शुक्रिया आपका "
Nov 1, 2016
रामबली गुप्ता commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"सभी दोहे सुंदर प्रासंगिक और शिल्पबद्ध हुए हैं आदरणीया आभा सक्सेना जी। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।सादर"
Oct 31, 2016
Samar kabeer commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"मोहतरमा आभा सक्सेना जी आदाब,दीपावली का बहतरीन तोहफ़ा दिया है आपने मंच को दोहों के रूप में,अच्छे लगे आपके दोहे,इस प्रस्तुति संग दीपावली की बधाई और शुभकामनाएं स्वीकार कीजिये ।"
Oct 30, 2016
Sheikh Shahzad Usmani commented on Abha saxena's blog post दीपावली पर कुछ दोहे ...
"धनतेरस व दीपावली पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाओं सहित इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीया आभा सक्सेना जी।"
Oct 28, 2016
सुचिसंदीप अग्रवालl commented on Abha saxena's blog post अम्मा आयी है
"बहुत खूबसूरत। लाजवाब"
Oct 28, 2016

Profile Information

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Dehradun Uttrakhand
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Aligarh
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About me
I believe in simple living and high thinking.

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हाथ में हाथ मिला कर देखो (ग़ज़ल)

२१२२ ११२२ २२

खुशनुमा ख्वाब सजा कर देखो,

रात में चाँद बुला कर देखो.

 

नींद आँखों में कहाँ है यारो,

सारे ग़म अपने भुला कर देखो.

 

नफरतें कर रहे हो क्यूँ मुझ से,

हाथ में हाथ मिला कर देखो.

 

तिश्नगी लव पे क्यूँ  तेरे छाई,

जाम हाथों से पिला कर देखो.

 

आज गर्दिश में है तेरी  ‘आभा’,

उस के ग़म दूर भगा कर देखो

 

 

....आभा 

अप्रकाशित एवं मौलिक 

Posted on November 7, 2016 at 10:32pm — 4 Comments

दिए कुछ आस के ...

दिए कुछ आस के ......

 

आँखों से झांक रहे

सपने विश्वास के

देहरी पर जल रहे

दिए कुछ आस के

 

नेह के भरोसे ही

कुछ रिश्ते जोड़े हैं

तुमने न जाने क्यूँ

अनुबंध सारे तोड़े हैं

मौन की पीडाएं ही

मुझको तो छलती हैं

पास तुम आते हो

दूरी तब ढलतीं हैं

सम्बन्ध ले आये हैं

रिश्ते कुछ पास के

देहरी पर जल रहे

दिए कुछ आस के |

 

 

नश्तर से चुभते हैं

धूप के सुनहरे…

Continue

Posted on November 1, 2016 at 4:00pm — 2 Comments

दीपावली पर कुछ दोहे ...

धनतेरस के पर्व पर, कर लें कार्य महान|

निर्धन को बर्तन करें, दान आप श्री मान||

 

दीवाली लाये सदा, खुशियाँ अपरम्पार|

खील बताशे कह रहे, हम आये हैं द्वार||

 

लक्ष्मी और गणेश की, पूजा करिए साथ|

सब पर ही किरपा करें, मेरे भोले नाथ||

 

होई करवा चौथ का, लगे अनोखा मेल|

पर्वों की अब देखिये छूटी जाती रेल||

 

इस दीवाली लग रही, फीकी सी सब ओर|

सीमा पर प्रहरी तकें, एक सुहानी भोर||

 

डाल दिये झूले सभी मन…

Continue

Posted on October 28, 2016 at 9:20am — 6 Comments

अम्मा आयी है

अम्मा आयी है......

नाती नातिन से मिलने को अम्मा आयी है|

बड़े दिनों के बाद मेरे घर अम्मा आयी है||

बच्चों से छुप छुप कर सुरती पान चबाती है|

पान का डिब्बा और तम्बाखू अम्मा लायी है||

मेरे घर का पानी भी मुश्किल से पीती है|

एक कनस्तर लड्डू मट्ठी अम्मा लायी है||

दिखे जमाई घर के अन्दर झट छुप जाती है|

शर्मो हया का संग पिटारा अम्मा लायी है||

इस दुनिया की है या फिर उस दुनिया की है|

भर कर देसी…

Continue

Posted on October 24, 2016 at 10:49am — 13 Comments

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At 7:21am on September 10, 2016,
AMOM
Abha saxena
said…

आदरणीया  kanta roy जी नमस्कार,

आपका शुभकामना सन्देश पढ़ा बहुत अच्छा लगा आपका मैं ह्रदय से हार्दिक अभिनन्दन करती हूँ ...

At 3:46pm on September 4, 2016, kanta roy said…
आपका "महीने का सक्रिय सदस्य"चुने जाना हम सबके लिये हर्ष का विषय है। बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीया आभा जी।
At 11:33pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया

श्रीमती आभा सक्सेना जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 8:08pm on August 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

 
 
 

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