For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भविष्य (लघुकथा)

महज 12 वर्ष की कच्ची उम्र मेँ ही परिस्थितियोँ मेँ ढल गया था वो। जिस उम्र मेँ बच्चोँ को खेल खिलौनोँ सैर सपाटोँ का शौक होता है उस उम्र मेँ मोहन को बस एक ही शौक था- पढ़ने का। पढ़ाई मेँ तेज मोहन बड़ा ही महत्वाकांक्षी बालक था। लेकिन वक्त की ये टेढी-मेढी गलियाँ कब, किसे, ज़िन्दगी का कौन सा मोड़ दिखा देँ कौन जाने ? ऐसी ही किसी गली के मोड़ पर मोहन ने वो गरीबी देखी जिसमेँ दो जून का भोजन भी मुश्किल होता था और स्कूल तो दूर-दूर तक दिखाई न पड़ता था। पर मोहन भला कैसे हार मानता ? उसे तो बड़ा आदमी बनना था। इस सुखद स्वपन के एहसास से ही वो रोमांचित हो जाता था। उसने काम करने का फैसला किया।

जहाँ चाह वहाँ राह। जल्दी ही उसे एक कारखाने मेँ अपने लायक काम मिल गया। हालांकि वेतन काफी कम था पर उसके नन्हे पंखोँ को उड़ान देने के लिए काफी था। आज उसे अपने हिस्से का आकाश मिल गया था। उसके हृदय मेँ आशाओँ का समुद्र हिलोरे मार रहा था। पर खुशियोँ को नज़र लगते देर नही लगती। अभी वो सुनहरा सपना देख ही रहा था कि नन्हे पंछी का स्वप्नलोक मानो उजड़ गया हो, आशाओँ का समुद्र अचानक से सूख गया, उसके नन्हे पंख टूटकर जहाँ-तहाँ बिखर गए; जब एक दिन कुछ पुलिसवाले, एक मेमसाब, एक नेता जी और कैमरे वाले बाबू फैक्ट्री मेँ घुस गए और कहा :

"बेटा कल से तुम्हे काम पर आने की ज़रूरत नही।"
अगले दिन अखबार मेँ उसकी फोटो छपी थी नेता जी के साथ- "फलाँ फलाँ नेता जी ने बचाया मासूम का भविष्य।"

"पूजा"
मौलिक एवं अप्रकाशित।

Views: 791

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by pooja yadav on November 11, 2014 at 5:10pm
Mai bhavishya mein kam shabdo mein likhne ka pryaas karungi. . . Respected gopal ji. . :)
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 11, 2014 at 4:22pm

पूजा जी

कथा सुन्दर एवं मार्मिक है पर इसकी प्रस्तावना लम्बी है लघु कथा बिलकुल कसी हुयी कम शब्दो में अपेक्षित है i  फिलहाल आपको अच्छे  विषय के लिये बधाई i

Comment by somesh kumar on November 11, 2014 at 3:45pm

sunder pryaas,mohinder kumar ji aap ki kavita bhi saath-saath pdh li ,dono rchnavo ka ek hi mrm,raste ko sb glt bta rhe hain pr koi rashta nhin de rha

Comment by pooja yadav on November 11, 2014 at 1:30pm
आपकी टिप्पणियोँ के लिए आभार। आपकी रचना भी सराहनीय है।
सादर।
Comment by Mohinder Kumar on November 11, 2014 at 11:25am

इस टिप्पणी में बाहरी लिंक होने के कारण व OBO नियम के अनुपालन में प्रबंधन स्तर से हटाई जा रही है।

एडमिन
२०१४११११०७

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनसुने अनकहे के बीच
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया. . . . झोला
"आ. भाई सुनील जी सुंदर कुंडलियां हुई हैं हार्दिक बधाई।"
Wednesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
Wednesday
sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service