For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

तो फिर बात ही क्या थी

सफ़र तय किये हमने मोहब्बत में साथ चलकर
इश्क़ में बुने सपने तुम्हारे साथ जो मिलकर
हकीक़त हो गये होते ,तो फिर बात ही क्या थी
होते तुम हमारे साथ ,तो फिर बात ही क्या थी |

राह कांटों भरी मोहब्बत की फिर भी चल दिए हम तुम
मिले जो दर्द ज़माने से उसे भी सह लिए हम तुम
जहाँ देता न ये दर्द ,तो फिर बात ही क्या थी
होते तुम हमारे साथ ,तो फिर बात ही क्या थी |

तेरे ख्वाबों का वस्त्र धारण कर लिया मैंने
तेरी चाहत रूपी शस्त्र धारण कर लिया मैंने
स्वीकृत शस्त्र किया होता ,तो फिर बात ही क्या थी
होते तुम हमारे साथ ,तो फिर बात ही क्या थी |

कभी आंसूं ,कभी जहर,जब भी दिया तुमने
बिना सोचे समझे सब कुछ पी लिया हमने
अमर होते गरल पीकर ,तो फिर बात ही क्या थी
होते तुम हमारे साथ ,तो फिर बात ही क्या थी |

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 547

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by maharshi tripathi on November 11, 2014 at 7:48pm

आप सभी का हार्दिक  अभिनन्दन |आशीर्वाद दे के इससे अच्छा लिख सकूं |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 11, 2014 at 8:56am

आ. त्रिपाठी जी , बढ़िया रचना हुई है , बहुत बहुत बधाइयाँ ।

Comment by maharshi tripathi on November 11, 2014 at 12:47am
आप सभी को स्नेह एवं प्यार देने के लिए ,सुक्रिया |

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on November 10, 2014 at 11:26am

बढ़िया रचना के लिये बधाई।

Comment by ram shiromani pathak on November 9, 2014 at 2:23pm

सुन्दर प्रस्तुति  आदरणीय  भाई //हार्दिक बधाई आपको 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 9, 2014 at 10:44am

तो फिर बात ही क्या थी का अंतिम बंद बहुत सुंदर बन पडा है -

कभी आंसूं ,कभी जहर,जब भी दिया तुमने
बिना सोचे समझे सब कुछ पी लिया हमने
अमर होते गरल पीकर ,तो फिर बात ही क्या थी
होते तुम हमारे साथ ,तो फिर बात ही क्या थी |------बहुत खूब | सुंदर रचना के लिए बधाई  

Comment by umesh katara on November 9, 2014 at 8:20am

waaaaaaah 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 8, 2014 at 5:44pm

सुन्दर रचना के लिये  बधाई i

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
3 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
yesterday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
Monday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
Monday
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service