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ग़ज़ल- सारथी || बेख़ुदी में पुकारा करेंगे ||

बेख़ुदी में पुकारा करेंगे 

बोल कैसे गुजारा करेंगे /१

आज उनसे निगाहें लड़ीं हैं 

आज जश्ने-बहारा करेंगे /२ 

शोरगुल में कहाँ बात होगी 

कनखियों से इशारा करेंगे /३

बेतहाशा हसीं आप हैं जी 

रोज सदके उतारा करेंगे /४ 

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे /५ 

...........................................
सर्वथा मौलिक व अप्रकाशित

अरकान: २१२ २१२ २१२२

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Comment

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Comment by Baidyanath Saarthi on November 15, 2014 at 5:53pm

बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर श्री  Saurabh Pandey जी ! सादर प्रणाम ! :)


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 13, 2014 at 11:02pm

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे ...

वाह ! दाद कुबूल कीजिये भाई बैद्यनाथजी

Comment by Baidyanath Saarthi on November 2, 2014 at 4:00pm

जनाब  ram shiromani pathak साहब , बेहद शुक्रिया ! सब स्नेह है आपका ! साथ बने रहिएगा - आपका :)

Comment by Baidyanath Saarthi on November 2, 2014 at 4:00pm

आदरणीय somesh kumar जी , हार्दिक आभार ! हिम्मत देने का बहुत बहुत शुक्रिया ...सादर :)

Comment by ram shiromani pathak on November 2, 2014 at 10:28am
वाह वाह वाह दिल खुश कर दिया आपने।।हार्दिक बधाई आपको
Comment by somesh kumar on November 2, 2014 at 9:26am

खुबसुरत गज़ल के लिए बधाई 

Comment by Baidyanath Saarthi on November 1, 2014 at 10:26pm

आदरणीया rajesh kumari जी , आपका स्नेह पाकर हर्षित हूँ ! स्नेह देते रहिएगा- विनीत नमन सहित :)

Comment by Baidyanath Saarthi on November 1, 2014 at 10:24pm

मान्यवर  गिरिराज भंडारी जी , सादर नमन ! प्रोत्साहन हेतु बहुत बहुत आभार व्यक्त कर रहा हूँ ! आपका- सारथी :)

Comment by Baidyanath Saarthi on November 1, 2014 at 10:24pm

आदरणीय जितेन्द्र 'गीत' जी , बहुत बहुत धन्यवाद ! आपका स्नेह , दिल को बहुत भाता है ! सादर प्रणाम ! :)

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 1, 2014 at 10:00am

वाह! क्या खुबसूरत गजल कही है आपने आदरणीय बैद्यनाथ जी. हर एक शेर तारीफ़ के काबिल, तहे दिल से   बधाई आपको

कृपया ध्यान दे...

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