For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दरिया रहा कश्ती रही लेकिन सफर तन्हा रहा

हम भी वहीं तुम भी वहीं झगड़ा मगर चलता रहा

साहिल मिला मंजिल मिली खुशियां मनीं लेकिन अलग
खामोश हम खामोश तुम फिर भी बड़ा जलसा रहा

सोचा तो था हमने, न आयेंगे फरेबे इश्क में
बेइश्क दिल जब तक रहा इस अक्ल पर परदा रहा

शिकवे हुए दिल भी दुखा दूरी हुई दोनों में पर
हर बात में हो जिक्र उसका ये बड़ा चस्का रहा

छाया नशा जब इश्क का 'चर्चित' हुए कु्छ इस कदर
गर ख्वाब में उनसे मिले तो शहर भर चर्चा रहा

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

- विशाल चर्चित

Views: 749

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 31, 2014 at 9:50am

यानि जून के करीब प्रथम हफ़्ते के आसपास के बाद अपने अनन्य भाई अगस्त के आखिरी दिन देहरी पर आये हैं.. :-)))

आपकी गरिमामय उपस्थिति से हम सभी हर समय लाभान्वित व सम्मानित होना चाहते हैं, विशाल भाई ..

शुभ-शुभ

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on August 31, 2014 at 8:47am

हृदय से आभारी हूं एवं प्रणाम करता हूं आपके स्नेह को सौरभ सर कि आपने सराहना के साथ ही एक दोष भी इंगित किया.... इस बहाने मुझे इस दोष के बारे में जानने का अवसर मिला.... सच्ची में मैं तो इस दोष के बारे में जानता ही नहीं था....!!!!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 9, 2014 at 3:03pm

अय हय.. अय हय !

कमाल तो करते ही हैं, भाई, अब आप धमाल भी करने लगे हैं ! .. हा हा हा.. 

इस ग़ज़ल पर बधाई-बधाई-बधाई !!

अलबत्ता,  सोचा तो था हमने, न आयेंगे फरेबे इश्क में    तथा    हर बात में हो जिक्र उसका ये बड़ा चस्का रहा...   इन दो मिसरों को छोड़ दें तो अरुज़ के लिहाज से भी ग़ज़ल शानदार हुई है.

उपरोक्त मिसरों में शिकस्ते नारवा का दोष आ गया है.

शुभेच्छाएँ

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on June 8, 2014 at 10:47pm

निलेश भाई, श्याम भाई जी, अभिनव भाई, गिरिराज सर जी, कुन्ती जी, जितेन्द्र भाई, गोपाल सर जी, बृजेश भाई एवं वन्दना जी.... आप सभी का हृदय से आभार !!!

Comment by vandana on June 7, 2014 at 6:35am

वाह बहुत खूब !!! आदरणीय 

Comment by बृजेश नीरज on June 6, 2014 at 10:06pm

वाह! बहुत खूब! बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल! आपको बहुत-बहुत बधाई!

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 5, 2014 at 11:30am

मित्र

क्या लाजवाब मक्ता है i  अति सुन्दर i

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 4, 2014 at 11:56pm

बहुत सुंदर गजल आदरणीय विशाल जी, बधाई आपको

Comment by coontee mukerji on June 4, 2014 at 6:17pm

सोचा तो था हमने, न आयेंगे फरेबे इश्क में
बेइश्क दिल जब तक रहा इस अक्ल पर परदा रहा.....क्या बात है.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 4, 2014 at 11:05am

आदरणीय विशाल भाई , लाजवाब ग़ज़ल कही है , बधाइयाँ ॥

छाया नशा जब इश्क का 'चर्चित' हुए कु्छ इस कदर
गर ख्वाब में उनसे मिले तो शहर भर चर्चा रहा ------------ मक्ते के लिये विशेष बधाइयाँ ॥

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
10 hours ago
amita tiwari posted blog posts
13 hours ago
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service