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गजल अश्‍क

212   212     212    212

गीत उसके लिखे गुनगुनाता रहा
हाल दिल का सभी को बताता रहा

ये उदासी भरी जिन्‍दगी क्‍योंं मिली
सोच कर अश्‍क मैं तो  बहाता रहा

हम को उसके शहर में मिली मौत थी
लाश अपने शहर में जलाता रहा

चाँद में दाग है चाँदनी में नही
बात दिल को यही मैं बताता रहा

प्‍यार से चल सके ना कदम दो कदम
जाम पी पी तुझे तब भुलाता रहा 

मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 19, 2014 at 8:34pm

आदरणीय , अच्छी गज़ल कही है , बधाइयाँ ॥

Comment by Sarita Bhatia on May 19, 2014 at 6:26pm

बहुत खूब अखंड जी दूसरे अशआर में जो गड़बड़ लगी वो प्राची जी ने बता ही दिया है 

Comment by Akhand Gahmari on May 17, 2014 at 1:51pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय जितेन्‍द्र गीत जी 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on May 16, 2014 at 10:58pm

हम को उसके शहर में मिली मौत थी
लाश अपने शहर में जलाता रहा............बहुत सुंदर , दिली बधाई आपको आदरणीय अखंड जी

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:35pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय आशीष श्रीवास्‍तवा जी दोष खत्‍म कैसे हेा मार्ग दर्शन करें

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:34pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय मुकेश वर्मा जी

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:34pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय शकील जमशेदपुरी जी दोष खत्‍म कैसे हेा मार्ग दर्शन करें

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:33pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीया डाक्‍टर प्राची सिंह जी क्‍या दूसरे शेर को कोई रोता रहा कोई हसता रहा कर देने से दोष खत्‍म हो जायेगा मार्ग दर्शन करे

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:31pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीय श्‍याम नारायण वर्मा जी

Comment by Akhand Gahmari on May 15, 2014 at 9:31pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है मेरा प्रणाम स्‍वीकार करे आदरणीया coontee mukerji जी

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