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एक कोशिश - ग़ज़ल

(2212 2212)
********************

थे साथ मेरे जो कभी
मेरे नहीं थे वो कभी

कुछ दर्द कम तो हो मिरा, 
ये घाव सी डालो कभी

जी को ज़रा ख़ामोश कर,
इन आँसुओं को रोक भी

कबतक दुखों से काम लूँ?
कोई ख़ुशी भी दो कभी

मैं ही सदा पलटा करूँ?
तुम भी मुझे रोको कभी

जिनका नहीं कोई कहीं,
उनके लिए भी रो कभी

जो मैं सही हूँ, 'दाद' दे,
जो मैं ग़लत हूँ, टोक भी

माँ ही रखे उपवास क्या?
तुम भी रखो बेटो कभी!

हँसना मुझे भी आता है,
फ़ुर्सत मगर तो हो कभी

बस ख़ार बोते मत रहो,
कुछ फूल भी बो दो कभी

ऐ 'ज़ैफ़' तुमको क्या हुआ?
ख़ामोश हो, बोलो कभी!

***
(मौलिक व अप्रकाशित )

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Comment

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Comment by Zaif on April 10, 2014 at 3:01pm
आप सभी आदरणीय मित्रों को बहुत सा धन्यवाद।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 7, 2014 at 11:52pm

पटल पर आपके माध्यम से एक बहुत ही सार्थक सफल और अनुकरणीय ग़ज़ल आयी है, ज़ैफ़भाई. कई शेर कमाल हुए हैं.

और ये शेर तो कमाल हुए हैं -

जिनका नहीं कोई कहीं,
उनके लिए भी रो कभी

जो मैं सही हूँ, 'दाद' दे,
जो मैं ग़लत हूँ, टोक भी

माँ ही रखे उपवास क्या?
तुम भी रखो बेटो कभी!

क्या बात है.. !

ऐसी ग़ज़ल के मतले के उला में आया शिकस्ते नारवा का ऐब खल रहा है.

बहरहाल दिल से दाद कुबूल कीजिये.

Comment by Dr Ashutosh Mishra on April 1, 2014 at 1:26pm

यमित जी ग़ज़ल पर आपके इस शानदार प्रयास के लिए तहे दिल बधाई स्वीकार करें 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 1, 2014 at 10:47am

भाई यमित इस बेहतरी ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 1, 2014 at 10:01am

प्रिय यमित , बहुत सुन्दर ग़ज़ल कही है , दिली बधाइयाँ स्वीकार करें ॥

Comment by vandana on April 1, 2014 at 6:13am

बढ़िया भावप्रवण ग़ज़ल है आदरणीय 

इन आँसुओं को रोक भी

रदीफ़ को यूँ तोड़ा भी जा सकता है ? .... यह मेरे लिए नई जानकारी होगी या यूँ कहूँ कि मेरा इस ओर कभी ध्यान ही नहीं गया 

Comment by annapurna bajpai on March 31, 2014 at 11:27pm

गजल के शिल्प के  विषय मे मुझे खास जानकारी नहीं है किन्तु आपकी छोटी  बह्र की गजल अच्छी लगी । 

Comment by भुवन निस्तेज on March 31, 2014 at 8:11am

मैं ही सदा पलटा करूँ? 
तुम भी मुझे रोको कभी

great................

Comment by Dr Ashutosh Mishra on March 30, 2014 at 11:53am

bahut badhiya 

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