For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

देवदार के पत्ते पर 

बर्फ के कतरे जितनी
मेरी अभिलाषा |

उस पर भी दुनिया की सौ-सौ शर्तें
सौ-सौ पहरे
तीक्ष्ण-तल्ख भाषा |

पलकों की ड्योढ़ी पर बैठे स्वप्न
कुछ नेपथ्य में टूट-फूट
करते विलाप
सभी प्रतीक्षारत, कब छँटे
घना कुहासा |

प्रस्वेदित तन
म्लानता का प्रचण्ड सूरज
जीवन नभ पर
और सिद्धि की
शून्य सदृश आशा |

भिक्षुक द्वार खड़ा आशीष लिए
दानी परदे में बैठा
यहाँ कौन भिक्षुक ?
प्रभु !
कैसी परिभाषा |

मेरी अभिलाषा...

- आशीष नैथानी सलिल
(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 1755

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on March 7, 2014 at 10:50pm

आदरणीय सौरभ जी, मैने आपकी टिप्पणी के लिये लम्बा इंतजार किया :)))  कई बार सोचा आपको कविता का लिंक देकर एक बार राय पूछ लूँ (अवलोकनार्थ) लेकिन फिर स्वप्रचारित करना अच्छा नहीं लगा, सोचा कभी न कभी रचना आपकी नजरों से गुजर ही जायेगी | आज वही हुआ, कविता पर आपकी अमूल्य टिप्पणी पाकर अभिभूत हुआ | 

बहुत-बहुत धन्यवाद | :)
Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on March 7, 2014 at 10:39pm

कविता पर अपनी अमूल्य टिप्पणियों के लिये आदरणीया मीना जी, आदरणीय श्याम नारायण जी, आदरणीया अनुपमा जी, आदरणीय जितेन्द्र जी, आदरणीय आशुतोष जी, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया !!!  :)


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 4, 2014 at 3:53pm

मेरी बार बार बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ लीजिये भाई आशीषजी.
बहुत सार्थक संयत और सुगढ़ रचना प्रस्तुत की है आपने.
शुभेच्छाएँ

Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 15, 2014 at 10:14am

भिक्षुक द्वार खड़ा आशीष लिए 
दानी परदे में बैठा
यहाँ कौन भिक्षुक ?
प्रभु !
कैसी परिभाषा |  आदरणीय आशीष जी सच में कौन भिक्षुक है यह कह पाना मुश्किल है ..शानदार राचन के लिए मेरिट तरफ से तहे दिल बधाई सादर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 15, 2014 at 8:27am

सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति, बधाई स्वीकारें आदरणीय आशीष जी

Comment by annapurna bajpai on February 13, 2014 at 7:33pm

सुंदर भावभिव्यक्ति , बधाई आपको । 

Comment by Shyam Narain Verma on February 13, 2014 at 4:48pm
बहुत सुन्दर, बहुत भावपूर्ण।
Comment by Meena Pathak on February 13, 2014 at 2:54pm

बहुत सुन्दर अभिलाषा 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
15 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
yesterday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
Monday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
Monday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
Monday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
Monday
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
Monday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
Monday
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
Monday
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service