For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

चितवन

1
सांझ की पड़ी चितवन कटारी
उतर आयी रात आंगन
बिन पिया कैसे मनाऊँ मधुमास
रात की रानी महके
हरसिंगार की झूमर लहके
तारों की बरात लिये
आया कोई पुच्छल तारा
देख सुहानी रात मतवाली
पैरों बाँध घुँघरू
बिरहनी संग यह कैसा परिहास

2
बहक रहा चाँद
लहरों पर थिरक रही चाँदनी
सागर तट पर नाच रहा पवन
बाँध के पैजन
चट्टानों के गृह सखी
चल रहा सम्मोहन
बिन पिया कैसे हो हिय उल्लास

3
दूर गगन से
कोई बाँसुरी पुकारे
हृदय का पट खोल
अंतर में मोह जगाए
कैसा यह उच्छवास
रूक जादूगर! सम्भल जरा
बिन पिया कैसे मनाऊँ मधुमास.

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 802

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by वेदिका on April 6, 2014 at 2:00pm
तीन क्षणिकाएं तीनों अभूतपूर्व, वियोग श्रिंगार का पुट लिए हुए। कभी आपका आशीर्वाद हुआ और समय का सुखद संयोग तो ये रचना आपसे लाइव सुनने की आकांक्षा है।
सादर

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 27, 2013 at 10:33pm

तीन दृश्य तीन निवेदन. बहुत खूब !

हार्दिक बधाई आदरणीया

Comment by बृजेश नीरज on December 27, 2013 at 8:38pm

बहुत सुन्दर! आपको हार्दिक बधाई!

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 27, 2013 at 1:44pm

आदरणीय कुंती जी

मधुमास ,परिहास और उल्लास प्रिय के बिन न मनाने की आकुल छटपटाहट  का मर्मस्पर्शी  चित्रण है i आपके बिम्ब बहुत सटीक और उभर कर आते है i  आपकी सभी रचनाओ का स्तर एक आदर्श ऊँचाई पर रहता है , वहा तक पहुचने के लिए बड़ी ऊर्जा चाहिए i  बशुत बहुत बधाई माननीया  i

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 27, 2013 at 9:32am

आपने अंतर की व्यथा को बहुत ही सुंदर शब्दों से संजोया, बधाई स्वीकारें आदरणीया कुंती जी

Comment by coontee mukerji on December 27, 2013 at 2:38am

प्रिय मित्रगण आप लोगों मेरी रचना भायी.हार्दिक आभार वन वर्ष की शुभ कामनाएँ

Comment by कल्पना रामानी on December 26, 2013 at 8:10pm

बहुत ही मार्मिक रचना है आपकी  आदरणीया कुंती जी,  हार्दिक बधाई आपको

..सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 7:39pm

सांझ की पड़ी चितवन कटारी
उतर आयी रात आंगन.......... बहुत ही सुंदर आदरणीया कुंती जी हार्दिक बधाई आपको ..सादर

Comment by S. C. Brahmachari on December 26, 2013 at 4:54pm
आ0 कुंती भाभी ,
1 साँझ की घड़ी 2 सागर तट 3 दूर गगन से कोई कोई बांसुरी पुकारे ~~~~~ भावों की अनुपम प्रस्तुति हेतु बधाई
Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on December 26, 2013 at 2:18pm

हार्दिक बधाई आदरणीया कुंतीजी, तीनों में व्यथा है ,  सुंदर भाव है । अंतिम और भी सुंदर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
21 hours ago
amita tiwari posted blog posts
yesterday
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service