For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अतुकांत कविता - नि:शब्द (गणेश जी बागी)

शब्द कोष से संकलित
क्लिष्ट शब्दों का समुच्चय
गद्यनुमा खण्डित पक्तियों में
शब्द संयोजन
कथ्य और प्रयोजन से कोसों दूर

लक्ष्यहीन तीरों के मानिंद
बिम्ब और प्रतीक
कही तो जा धसेंगे
बस
वही होगा लक्ष्य
फिर.......
पाठक का द्वन्द्ध
बार-बार पढ़ना
पग-पग पर अटकना
समझने का प्रयत्न
गुणा भाग, जोड़ घटाव
सुडोकू सुलझाने का प्रयास
और अंततः
एक प्रतिक्रिया
नि:शब्द हूँ ।

***

(मौलिक व अप्रकाशित)

पिछला पोस्ट =>लघुकथा : छवि

Views: 2095

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on December 6, 2013 at 9:22am

कृत्रिम और नैसर्गिक पुष्प का अंतर बताती सुन्दर रचना.बधाई आदरणीय गणेश जी..............


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 6, 2013 at 12:12am

भाई राहुलदेव जी, आपके कहे का शतप्रतिशत समर्थन करता हूँ. यही कहना मेरा आशय भी था. और यही गणेश भाई का भी कहना है. भाई गणेशजी ने सटीक और सार्थक तथ्य उठाये हैं अपनी इस प्रस्तुति में. बस बातें तनिक सार्वभौमिक सी हो गयी हैं उसी का निवारण आवश्यक जान मैं चर्चा कर रहा हूँ.

//हाँ छिटपुट लोग ऐसे भी पाए जाते हैं जो अपनी विद्वता झाड़ने के लिए जानबूझकर क्लिष्टता का कृत्रिम मायाजाल रचते हैं जैसा कि बागी जी ने अपनी रचना के माध्यम से इंगित किया है। //

एकदम सत्य. भाई गणेशजी की रचना का मूल यही है. और हम गणेश भाई के इस तथ्य का हृदयतल से सर्मथन करते हैं.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on December 5, 2013 at 9:58pm

आदरणीय गणेश जी 

ऐसी अतुकांत अभिव्यक्तियाँ जिनमें कथ्य या भाव शाब्दिकता का भार वहन करने में असमर्थ हो उनपर व्यंग करती आपकी इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई..

सादर.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 5, 2013 at 9:31pm

आदरणीय गणेशजी बहुत खूबसूरती से आपने अपनी बात कही है आपकी इस सार्थक संदेश देती हुई रचना के लिये बधाई

Comment by Dr Ashutosh Mishra on December 5, 2013 at 9:21pm

आदरणीय बागी जी , आपकी शानदार लघु कथाओं की तरह यह रचना भी मुझे बेहद भाई ..लेकिन मुझे लगता है हर रचनाकार एक जैसा नहीं होता है ..हर तरह के साहित्यकार है हर तरह की रचनाएँ भी ..सादर बधाई के साथ 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 5, 2013 at 9:21pm

आदरणीय सौरभ भईया, रचना पर आपकी उपस्थिति हर्ष विभोर करती है, आपकी टिप्प्णी को मैं केवल पढ़ता ही नहीं बल्कि मनन करता हूँ , गुनता हूँ, अपनी कमियों को पुनः याद करता हूँ और सुधार के लिए प्रयासरत रहता हूँ | आपका आशीर्वाद पा गदगद हूँ, बहुत बहुत आभार आदरणीय |


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 5, 2013 at 9:12pm

आदरणीय सुशील सरना जी, आपको रचना सार्थक लगी, रचना सफल हुई, आभार प्रेषित है |

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 5, 2013 at 8:53pm

आदरणीय

आपका कथन सत्य है  i स्वीकार्य है i  किन्तु आपकी रचना वस्तुतः बहुत सामयिक और उद्देश्यपूर्ण  है  i सादर i


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 5, 2013 at 8:38pm

आदरणीया गीतिका जी, क्लास - वलास कुछ नहीं, यह तो स्वाभाविक अभिव्यक्ति है, आपको रचना अच्छी लगी, मुझे ख़ुशी हुई, बहुत बहुत आभार आपका |


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 5, 2013 at 8:34pm

प्रिय अरुण श्रीवास्तव जी, अतुकांत शैली में मैंने बहुत ही कम रचनाएं लिखी है, मुझे यह विधा बहुत ही कठिन लगती है, मैं इस विधा को समझने कि प्रक्रिया में हूँ, आपकी टिप्प्णी प्राप्त हुई, मुझे ख़ुशी हुई, सादर आभार |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
9 hours ago
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Mar 13
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Mar 13
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Mar 13

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service