For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

यह रचना मात्र हास्य के लिए लिखी गई है। इसका किसी भी व्यक्ति विशेष या जाति विशेष से कोई सरोकार नहीं है। कृपया इसे अन्यथा न लेकर मात्र एक हास्य के रूप में स्वीकार कर अपने आशीर्वाद से अनुग्रहित करें। सादर.....

मैडम

चौबे जी का मामला, लगता डाँवाडोल।

सिर से तो फुटबॉल है, और पेट है ढोल।।

और पेट है ढोल, चले वो जैसे हाथी,

चौबन उनके संग, रहे तो खूब लजाती।

पगलाए से डाँट, डपटकर बोले क्यों बे,

उनको कहते ‘मैम’, व हमको अंकल चौबे।

 

सारे उनकी बात पे, मंद मंद मुस्काय।

चौबे जी की खोपड़ी, प्रश्न कहाँ से लाय।।

प्रश्न कहाँ से लाय, सुनो तुम मेरा उत्तर,

बेटी हुई जवान, बड़े भाई सा पुत्तर।

किंतु फिगर है सैट, अभी चौबन का प्यारे,

इसीलिए हर राह, पुकारें ‘मैडम’ सारे।

------------------------------------ सुशील जोशी

"मौलिक व अप्रकाशित"

 

संशोधित

Views: 1097

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil.Joshi on October 19, 2013 at 7:32am

बहुत बहुत आभार आपका आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी....

Comment by Sushil.Joshi on October 19, 2013 at 7:32am

बहुत बहुत धन्यवाद आपका आदरणीय अरुण निगम जी.... आप स्वयं कुंडलिया  छंद के महारथी हैं..... आपसे प्रतिक्रिया पाकर मैं धन्य हुआ..... सादर

Comment by बृजेश नीरज on October 18, 2013 at 11:12pm

बढ़िया हास्य! आपको हार्दिक बधाई!


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 18, 2013 at 9:06pm

हा हा हा हा , हास्य पर बढ़िया प्रयास है , बधाई । 

Comment by अजीत शर्मा 'आकाश' on October 18, 2013 at 7:40pm

हास्य रचना अच्छी रही !!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 18, 2013 at 6:08pm

आदरणीय सुशील भाई ,, सुन्दर हास्य रचना के लिये बधाई !!! कालेज़ के समय की याद आ गई , जब रात भर हास्य कवि सम्मेलन सुना करते थे !!!!

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on October 18, 2013 at 5:55pm

वाह ! सुन्दर हास्य छंद रचना | हार्दिक बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on October 18, 2013 at 8:38am

सुन्दर हास्य रचना हेतु बधाई. शिल्प पर विस्तार से चर्चा हो ही चुकी है.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 17, 2013 at 10:56pm

आदणीय सुशील जी,

जिस पद पर आपकी और वीनस भाई की चर्चा हुई है वह वस्तुतः शब्द संयोजन के लिहाज से दोष पूर्ण है.
कुण्डलिया के रोला वाले भाग में रोला का ही नियम लागू होता है.

उस हिसाब से रोला के सम चरण का शब्द विन्यास ३, २, ४, ४  या ३, २, ३, ३, २ ही हो सकता है.
इस हिसाब से कॉलेज  शब्द से त्रिकल तो किसी तरह के उच्चारण से नहीं हो सकता. बस यही कारण है कि गेयता का दोष बन रहा है.

अब इस हास्यिका के लिए बधाई लीजिये. यों अब ऐसी हास्यिकाएँ अच्छी नहीं मानी जातीं.

पचास-साठ के दशक में ऐसे छंद या प्रस्तुतियाँ पत्र-पत्रिकाओं में हास्य-विनोद के नाम पर बहुत प्रचलित थीं, विशेषकर होली के आसपास. यह दौर सत्तर के दशक तक चला फिर जाति सूचक या अवस्था सूचक या स्थिति-परिस्थिति सूचक छंद या कविताएँ हाशिए पर जाने लगीं. इतना कि मेरे बचपन में अति प्रचलित तुकबन्दी मोटू सेठ .. सड़क पर लेट .. गाड़ी आयी  .. फट गया पेट.. गाड़ी का नम्बर ट्वेन्टीएट ...  भी आज बच्चे नहीं गाते-बोलते. अन्यथा यह कइयों की संवेदना पर आघात माना जाता है. हम्टी-डम्टी का भले रट्टा मारते रहें. (वैसे् दोनों के मूल में क्या अन्तर है ?)
खैर...

सादर

Comment by वीनस केसरी on October 17, 2013 at 10:49pm

आदरणीय आपने मेरे बुरा मानने का बुरा नहीं माना ये तो हामारे साथ अन्य्याय है ... मुझे बड़ा दुःख हुआ :(((((((((((
हम तो सोचे बैठे थे कि थोडा फुटेज खाया जाए ... अपने सब किये कराये पर पाने फेर दिया

.
.

जैसा कि मुझे मंच के जानकारों से पता चला है ..

आपके छंद का नाम कुंडलिया है जिसमें एक दोहा और एक रोला होता है
दोहा १३ + ११ मात्रिक होता है
रोला ११ + १३ मात्रिक होता है
आपकी चौथी पंक्ति रोला की दूसरी पंक्ति है जिसमें ११+१३ मात्रा है न कि १३+११

मात्रिक छंद में मात्रा की गिनती के साथ ही मात्रा को कुछ निश्चित सेट्स में होना भी जरूरी होता है 

१३ + ११ में जो १३ है वो किसी भी तरह से १३ कर दिया जाए तो लयभंग हो जाएगा .. ११२ / १२१२ / २१२१ इस तरह से हमें लघु गुरु को संयोजित करना पड़ता है
आप अपनी अन्य पंक्ति की मात्रा देखें --

प्रश्न कहाँ से लाय, सुनो तुम मेरा उत्तर,
२१ १२ २  २१,  १२ २ २२ २२ 

आप देखेंगे कि लघु के बाद लघु आ रहा है जिससे लय बन रही है जबकि चौथी पंक्ति में ऐसा नहीं हो पा रहा है
बेटी हुई जवान, कॉलेज में है पुत्तर।
२२ १२ १२१ , २२१ २ २ २ २

इसे यूँ कर दें तो देखें कि क्या शानदार लय बन रही है ..
बेटी हुई जवान, कलेजे में है पुत्तर।
२२ १२ १२१ , १२२ २ २ २२

अब आपके द्वारा प्रयोग हुआ मात्रा क्रम छन्द में स्वीकार है या इससे सच में लय भंग का दोष बन रहा है ये तो जानकार लोग ही बताएँगे ...
मुझे जो पता था मैंने झोंक कर लिख मारा है :)))))))))))))))

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
1 hour ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
18 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
21 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
yesterday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
Saturday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service