For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गज़ल 

बह्र : 2122  1212  22 

जाल सैयाद नें बिछाया है 

कैद में सोन पंछी आया है..

टीसता ज़ख्म पीपता रिश्ता 

सब्र की आड़ में छिपाया है..

हारी बाज़ी पलट  सका वो ही 

संग गम के जो मुस्कुराया है..

रात का चैन खो गया तो क्या 

ख्वाब तो चाँद का सजाया है..

फाँसले क्या उसे मिटाएंगे

उसकी हस्ती में सच समाया है..

कसमसाता रहा जो बरसों से 

राज़ वो आज लब पे आया है..

ज़िंदगी इश्क में फना करके 

गीत उल्फत का गुनगुनाया है..

Views: 893

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 4, 2013 at 5:01pm

आदरणीया डॉ प्राची जी सादर 

बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल कही है आपने सहज शब्दावली में गहन बातें इस शानदार ग़ज़ल हेतु सादर बधाई हो 

Comment by विजय मिश्र on June 4, 2013 at 4:47pm
"फाँसले क्या उसे मिटाएंगे
उसकी हस्ती में सच समाया है." - प्राचीजी ! बहुत वाजिब वकालत कियी हैं . और फिर सैयाद की जाल में सोन चीड़ैया का फंसना . अजीबोगरीब कसमकस महसूस कराता है. इस सुंदर रचना केलिए बधाई स्वीकार करें .
Comment by Vindu Babu on June 4, 2013 at 4:40pm
आदरणीया क्या कहूं,आपकी भाषा से हर विधा बंधी है,गज़ल हो या नवगीत, या हो भारतीय छन्द, बहुत निखरा हुआ रूप दीखता है।
शिल्प,कथ्य और शब्द चयन सब लाजवाब!
ढेरों बधाई आदरणीया
साद
Comment by Abhinav Arun on June 4, 2013 at 3:04pm

आदरणीय डॉ प्राची जी !! 

रात का चैन खो गया तो क्या 

ख्वाब तो चाँद का सजाया है..

सच्ची और सकारात्मक ख्यालों की इस ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएं हर शेर बोल रहा है ..लाजवाब ..जिंदाबाद ग़ज़ल !!

Comment by Neeraj Nishchal on June 4, 2013 at 1:15pm
कलम कागज़ पे जो चली उनकी ,
दिल का भाव शब्दों में उतर आया है ।

बहुत सुन्दर आदरणीया प्राची जी ......
Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on June 4, 2013 at 12:14pm

आदरणीया बेहतरीन कलाम पेश किये आपने ! मत्ला तो ग़ज़ब ढा रहा है! सहज शब्दों में गहन भाव उभरे हैं! जिनका अपने उचित परिप्रेक्ष्य में प्रयोग किया जा सकता है! टीसता ज़ख़्म पीपता रिश्ता... समीचीन सामाजिक स्थितियों में यह अनेक संबंधों के बीच संतुलन साधे रहने को बख़ूबी उजागर करता प्रतीत हो रहा है! लाजवाब ग़ज़ल की पेशकश पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें! सादर,

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 4, 2013 at 11:21am
"आदरणीया...प्राची जी, उम्दा गजल प्रस्तुत ..." रात का चैन खो गया तो क्या, ख्बाव तो चाँद का सजाया है...फाँसले क्या उसे मिटाऐंगे , उसकी हस्ती में सच समाया है.... आदरणीया ! हार्दिक बधाई व शुभकामनायें
Comment by रविकर on June 4, 2013 at 11:20am

बहुत बढ़िया-

शुभकामनायें आदरेया-

Comment by Shyam Narain Verma on June 4, 2013 at 11:08am
इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ.....
Comment by Dr Ashutosh Vajpeyee on June 4, 2013 at 10:17am

बहुत सुंदर प्राची जी बधाई आपको 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
55 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
18 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
21 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
21 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service